tawaaf-e-gul men hain masroof titliyan dekho | तवाफ़-ए-गुल में हैं मसरूफ़ तितलियाँ देखो

  - Shajar Abbas
तवाफ़-ए-गुलमेंहैंमसरूफ़तितलियाँदेखो
निगाह-ए-लुत्फ़सेमंज़रयेबाग़बाँदेखो
सितमकीदुनियामेंचलतीहैंआँधियाँदेखो
धुआँधुआँहुईजातीहैंबस्तियाँदेखो
अमीर-ए-शहरमहलसेनिकलकेआओज़रा
ग़रीबलोगोंकीआँखोंसेझुग्गियाँदेखो
गुलाबलाएहैंहमलोगअपनेहाथोंमें
वोअपनेहाथोंमेंलाएहैंबर्छियाँदेखो
फ़िराक़-ए-यारमेंतन्हानहींमैंगिर्याकुनाँ
शरीकग़ममेंहमारेहैंआसमाँदेखो
हज़ारोंसालसेहैरस्मआजतकजारी
जलादीजातीहैंदुनियामेंबेटियाँदेखो
जहाँपेबिछड़ेथेकॉलिजमेंएकदूजेसे
हैंअश्क़बारअभीतकवोसीढ़ियाँदेखो
सदाएँदेतीहैंपायलखनककेपैरोंकी
कलाइयोंकीखनकतीहैंचूड़ियाँदेखो
चमनमेंआजसुब्हकेगुलकीशिद्दतसे
लबोंसेचूमीहैंभँवरेनेपत्तियाँदेखो
जोहमसेेबिछड़ाथासर्दीमेंवोनहींआया
पलटकेगईवापससेसर्दियाँदेखो
हुआहैशाख़पेजिसरोज़सेनुज़ूल-ए-समर
शजरकीहोगईंख़मसारीडालियाँदेखो
  - Shajar Abbas
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