qalb-e-tapaan se aayi sadaa us gali se chal | क़ल्ब-ए-तपाँ से आई सदा उस गली से चल

  - Shajar Abbas
क़ल्ब-ए-तपाँसेआईसदाउसगलीसेचल
तकताहैकोईरस्तातेराउसगलीसेचल
अर्श-ए-बरींकाचाँदजहाँपरमकीनहैं
चललेकेआजबहर-ए-ख़ुदाउसगलीसेचल
मुझकोहैआजउसकीज़ियारतकीआरज़ू
एहसानहोगामुझपेतेराउसगलीसेचल
सुनआशिकोंकेवास्तेअच्छीनहींअना
तूतोड़करकेअपनीअनाउसगलीसेचल
मौज़ू-ए-नौग़ज़लकेलिएमिलहीजाएगा
शायर-ए-ग़ज़लतूज़राउसगलीसेचल
  - Shajar Abbas
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