qais ke jaise qabeele se baghaavat kar ke | क़ैस के जैसे क़बीले से बग़ावत कर के

  - Shajar Abbas
क़ैसकेजैसेक़बीलेसेबग़ावतकरके
मैंदिखाऊँगाज़मानेकोमोहब्बतकरके
ख़्वाबकोतेरेहक़ीक़तमेंहक़ीक़तकरके
पासरक्खूंगातुझेअपनीविरासतकरके
अपनेभाईकीमिरेलालहिफ़ाज़तकरना
मरगयाबापयेबेटेसेवसीयतकरके
पुश्तपेआँखोंकीयेख़्वाबनहींबैठेंगे
सबतेरेसाथचलेजाएँगेहिजरतकरके
इश्क़मतकरनायेएकरोगबुराहैसमझा
इश्क़ख़ुदकरनेलगाहैवोनसीहतकरके
शक्लमेंअश्कोंकीलौटाएँगीतुझकोआँखें
जबयेथकजाएँगीख़्वाबोंकीहिफ़ाज़तकरके
  - Shajar Abbas
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