milkiiyat pe apni suniye apna kabza chahiye | मिल्कियत पे अपनी सुनिए अपना कब्ज़ा चाहिए

  - Shajar Abbas
मिल्कियतपेअपनीसुनिएअपनाकब्ज़ाचाहिए
तेशसेग़ाज़ीयेबोलामुझकोदरियाचाहिए
जिसतरहसेदोस्तोंमजनूँकोलैलाचाहिए
उसतरहसेमुझकोभीमहबूबमेराचाहिए
इश्क़कोमेराजहोजाएमता-ए-जाँसुनो
लहजा-ए-लैलामेंदुनियाकोवोख़ुत्बाचाहिए
घिरगईहैहिज्रकेतूफ़ाँमेंकश्तीइश्क़की
हज़रत-ए-फ़रहादअबइसकोसहाराचाहिए
दिलशजरकाचलपड़ेगाख़ुदहीराह-ए-इश्क़पर
दिलकोइनप्यारीसीआँखोंकाइशाराचाहिए
  - Shajar Abbas
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