ajnabi shahar men ajnabi shaKHs se apne dil ko lagaane se kya faaeda | अजनबी शहर में अजनबी शख़्स से अपने दिल को लगाने से क्या फ़ाएदा

  - Shajar Abbas
अजनबीशहरमेंअजनबीशख़्ससेअपनेदिलकोलगानेसेक्याफ़ाएदा
हिज्रकीआगमेंउम्रभररातदिनफूलसादिलजलानेसेक्याफ़ाएदा
रातभीजाचुकीबातभीजाचुकीबातआगेबढ़ानेसेक्याफ़ाय
एदा
दोस्तीदुश्मनीमेंबदलजाएगीदोस्तकोआज़मानेसेक्याफ़ाएदा
हज़रत-ए-क़ैससेआजपूछूँगामैंफ़ुर्क़त-ए-यारमेंयेबताओमुझे
ख़ाकक्यूँछाननीवहशतेकरनीक्यूँदश्तमेंघरबसानेसेक्याफ़ाय
एदा
इश्क़करतेरहोचोटखातेरहोदर्दसहतेरहोमुस्कुरातेरहो
बे-सबबइश्क़सेदूररहकेभलाज़िंदगीकोगँवानेसेक्याफ़ाएदा
दिलकीचलतीहुईधड़कनेरुकगईंतुमआएमिरेआख़िरीदीदको
अबमिरीक़ब्रपरऐसेसरपीटकरख़ूँकेआँसूबहानेसेक्याफ़ाएदा
ख़्वाबमेंगएहोतोआरामसेपासबैठोमिरेमुझसेेबातेंकरो
बीचमेंइसतरहसेमुलाक़ातकोदफ़अतनछोड़जानेसेक्याफ़ाएदा
यादआईतिरीदर्द-ए-दिलबढ़गयादर्द-ए-दिलजबबढ़ाज़ख़्म-ए-दिलखुलगए
ज़ख़्म-ए-दिलजबखुलेचारा-गरनेकहाइनपेमरहमलगानेसेक्याफ़ाएदा
इल्मसेदूरहैंभूखसेचूरहैंतनपेबेकसग़रीबोंकेकपड़ेनहीं
हुक्मराँयेबताशहरमेंमस्जिदेंऔरमन्दिरबनानेसेक्याफ़ाएदा
मैंनेयेसोचकरआजतकशजरदिलकभीभीकिसीकादुखायानहीं
बे-ख़ताबे-सबबरबकीमख़्लूक़काछोड़दिलकोदुखानेसेक्याफ़ाएदा
  - Shajar Abbas
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