महरूमअबतलकहूँजिनाँकेख़िताबसे
राज़ीनहींहुआहूँमलककेहिसाबसे
इसबाबमेंहैवस्ल_ए_मोहब्बतकातज़्किरा
बहर-ए-ख़ुदातुम+इसकोहटादोकिताबसे।
जिससेतवक़्क़ोतल्ख़सेलहजेकीथीमुझे
वोमहव-ए-गुफ़्तगूहैग़ज़ब"जी""जनाब"से
हूँमहव-ए-ख़्वाब-ए-नाज़मेंमसरूफ़आजमैं
मतकरिएदूरमुझकोजगाकरसवाबसे
जिसलड़कीसेथीमुझकोमोहब्बतयेदेखिए
उसलड़कीकोथीयारअदावतहिजाबसे
ख़ारोंसेज़ख़्मखाताहैदुनियामेंहरकोई
देखोशजरकोज़ख़्ममिलाहैगुलाबसे