maazi se mere meri mulaqaat ho gaii | माज़ी से मेरे मेरी मुलाक़ात हो गई

  - Shajar Abbas
माज़ीसेमेरेमेरीमुलाक़ातहोगई
सहरामेंदिलकेअश्कोंकीबरसातहोगई
महरूम-ए-जिस्महोगयामैंरूहमिलगई
येजीतइश्क़कीहुईयामातहोगई
क़िस्मतमेंअबतलकउसेरबनेनहींलिखा
कितनीतवीलमेरीमुनाजातहोगई
मग़रूरहोनेलगगयाहस्तीपेतूशजर
बर्बादियोंकीतेरीशुरूआतहोगई
नीलामतुमनहींहुएबाज़ारमेंशजर
नीलामआजइज़्ज़त-ए-सादातहोगई
  - Shajar Abbas
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