kya kaha aap kehna zaraa ishq hai | क्या कहा आप कहना ज़रा इश्क़ है

  - Shajar Abbas
क्याकहाआपकहनाज़राइश्क़है
जीहमेंआपसेइश्क़थाइश्क़है
लोगकहतेहैंवाइज़बलाइश्क़है
हमयेकहतेहैंरबकीअताइश्क़है
इश्क़कोजोमिटातेथेख़ुदमिटगए
देखलोआजभीजा-ब-जाइश्क़है
चंदलफ़्ज़ोंमेंलोकहदियाआपसे
नासेहादिलरुबामुहलिकाइश्क़है
हमहैं'आशिक़हमेंमतदोकोईदवा
चारा-साज़ोंहमारीदवाइश्क़है
यादरखनासदाअपनेमहबूबकी
यादमेंरातभरजागनाइश्क़है
हैकिसीकेलिएइश्क़उसकाख़ुदा
औरकिसीकेलिएबसख़ुदाइश्क़है
सिर्फ़मेरेलबोंकीनहींहैदु'आ
हरकिसीकेलबोंकीदु'आइश्क़है
बेवफ़ाउम्रभरबेवफ़ाहीरहे
लाखसमझायारबकीरज़ाइश्क़है
रोज़जाकरचमनमेंशजरशामको
फूलकीपत्तियाँचूमनाइश्क़है
हैहक़ीक़तमेरीज़िंदगीकीशजर
इब्तिदाइश्क़हैइंतिहाइश्क़है
  - Shajar Abbas
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