jab arsh se ye aayi sadaa ishq zindabaad | जब अर्श से ये आई सदा इश्क़ ज़िंदाबाद

  - Shajar Abbas
जबअर्शसेयेआईसदाइश्क़ज़िंदाबाद
हरज़र्राज़र्राबोलउठाइश्क़ज़िंदाबाद
हैशोरकू-ब-कूयेमचाइश्क़ज़िंदाबाद
तूभीयेनारासाथलगाइश्क़ज़िंदाबाद
मैंनेजोबढ़केआगेकहाइश्क़ज़िंदाबाद
साराज़मानाबोलउठाइश्क़ज़िंदाबाद
येइश्क़ज़िंदाबादरहेगाहाँज़िंदाबाद
थाइश्क़ज़िंदाबादहैजाइश्क़ज़िंदाबाद
लैलासेबोलासदक़ादोइसनौजवानका
जबक़ैसनेयेमुझसेेसुनाइश्क़ज़िंदाबाद
पत्थरसेमुझकोअहल-ए-सितममारतेरहे
मैंमुस्कुराकेकहतारहाइश्क़ज़िंदाबाद
मैंनेलबोंसेचूमकेसीनेलगालिया
काग़ज़पेगरकहींभीदिखाइश्क़ज़िंदाबाद
महफ़िलकेसामईनसभीझूमनेलगे
जबजबभीमैंनेमिसरापढ़ाइश्क़ज़िंदाबाद
मेराजइतनीकरदीअताइसकोक़ैसने
हरशख़्सकोयेकहनापड़ाइश्क़ज़िंदाबाद
जोहैंमुख़ालिफ़इश्क़केदिलउनकेकाँपउठें
क़ुव्वतकेसाथबोलोज़राइश्क़ज़िंदाबाद
शम्स-ओ-क़मरज़मीन-ओ-ज़माँकहकशाँशजर
फूलोंनेपत्तियोंनेकहाइश्क़ज़िंदाबाद
  - Shajar Abbas
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