is zamaane ke har ik afraad ki awaaz hai | इस ज़माने के हर इक अफ़राद की आवाज़ है

  - Shajar Abbas
इसज़मानेकेहरइकअफ़रादकीआवाज़है
मुख़्तलिफ़हूँमैंजहाँसेमुख़्तलिफ़अंदाज़है
उसकोमुझपेनाज़हैऔरउसपेमुझकोनाज़है
उसकामैंहमराज़हूँऔरवोमेराहमराज़है
बेबसीबेचैनियाँबेताबियाँबढ़नेलगीं
ऐसालगताहैमुझेयेइश्क़काआग़ाज़है
लगरहाहैयेतेरीनाराज़गीकोदेखकर
जैसेमुझसेेयेमता-ए-जाँजहाँनाराज़है
एकपरिंदारोज़कहताहैशजरपेबैठकर
अर्शसेआगेशजरमेरीकहींपरवाज़है
  - Shajar Abbas
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