be-KHauf raah-e-haq pe guzar jaana chahiye | बे-ख़ौफ़ राह-ए-हक़ पे गुज़र जाना चाहिए

  - Shajar Abbas
बे-ख़ौफ़राह-ए-हक़पेगुज़रजानाचाहिए
गरचाहिएहयाततोमरजानाचाहिए
देखातुम्हेंतोज़ेहनमेंआयामिरेख़याल
आँखोंकेरस्तेदिलमेंउतरजानाचाहिए
दस्तकयेदिलकेदरपेमुहब्बतनेदीउठो
कू-ए-सनममेंअहल-ए-सहरजानाचाहिए
तितलीयेबोलीचूमकेगुलशनमेंफूलको
चूमाहैमैंनेतुझकोबिखरजानाचाहिए
मैंख़ुदकोदेखताहूँहसींआँखोंमेंतिरी
अबहुस्नमेराऔरनिखरजानाचाहिए
इकसिम्तमेंक़ज़ाहैतोइकसिम्तज़िंदगी
मैंसोचमेंहूँमुझकोकिधरजानाचाहिए
ग़ैरतयेकहरहीहैमिरीचीख़चीख़कर
दस्तारकोईछीनेतोसरजानाचाहिए
लाज़िमहैउसपेकेकरेइश्क़कासवाल
लाज़िमहैमुझपेमुझकोमुकरजानाचाहिए
शानाहिलाकेरोज़येकहताहैमेराक़ैस
अर्साहुआअबआपकोघरजानाचाहिए
हँसकरकिसीनेहमसेकहाआजसेशजर
ग़मकालिबासदिलसेउतरजानाचाहिए
  - Shajar Abbas
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