baithe hue hain kab se musalsal udaas ham | बैठे हुए हैं कब से मुसलसल उदास हम

  - Shajar Abbas
बैठेहुएहैंकबसेमुसलसलउदासहम
साहिलहमारेपासमेंसाहिलकेपासहम
जा-ए-नमाज़-ए-इश्क़पेदिलज़ख़्मीहोगया
नौहा-कुनाँहैंओढ़केग़मकालिबासहम
दिलआब-ए-इश्क़माँगकेसहरामेंमरगया
दिलकीनहींबुझासकेअफ़सोसप्यासहम
मतजाइएपकड़केयेदामनकोआपके
करतेरहेंगेवक़्त-ए-सफ़रइल्तिमासहम
पढ़पढ़केदीनियात-ए-मोहब्बतकोरातदिन
होतेहैंमिस्ल-ए-क़ैसशजरबद-हवासेहम
  - Shajar Abbas
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