hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sandeep Thakur
chaand chehra mujhe qubool nahin
chaand chehra mujhe qubool nahin | चाँद चेहरा मुझे क़बूल नहीं
- Sandeep Thakur
चाँद
चेहरा
मुझे
क़बूल
नहीं
अब
समझने
में
कोई
भूल
नहीं
आँख
बस
आँख
ही
है
झील
नहीं
होंठ
बस
होंठ
ही
हैं
फूल
नहीं
- Sandeep Thakur
Download Sher Image
मुझ
सेे
वा'दा
करने
वाले
वा'दा
करके
भूल
गए
अच्छा
ख़ासा
पीतल
था
मैं
सोना
करके
भूल
गए
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
37 Likes
परिंद
शाख़
पे
तन्हा
उदास
बैठा
है
उड़ान
भूल
गया
मुद्दतों
की
बंदिश
में
Khaleel Tanveer
Send
Download Image
46 Likes
अब
तो
हर
बात
याद
रहती
है
ग़ालिबन
मैं
किसी
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
43 Likes
किसी
को
याद
रख
के
भूल
जाना
किसी
का
भूल
जाना
याद
रहना
Rachit Dixit
Send
Download Image
23 Likes
जब
तलक
अनजान
थे
मेहफ़ूज़
थे
जान
लेना
जानलेवा
हो
गया
Vishal Bagh
Send
Download Image
36 Likes
याद
भूले
हुए
लोगों
को
किया
जाता
है
भूल
जाओ
कि
तुम्हें
याद
किया
जाएगा
Charagh Sharma
Send
Download Image
63 Likes
हम
तो
समझे
थे
कि
हम
भूल
गए
हैं
उन
को
क्या
हुआ
आज
ये
किस
बात
पे
रोना
आया
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
37 Likes
जमाना
भूल
पायेगा
नहीं
अपनी
मुहब्बत
छपेंगे
क्लास
दसवीं
में
सभी
किस्से
हमारे
Shubham Seth
Send
Download Image
32 Likes
दफ़्तर
तक
जाकर
के
वापस
लौटा
हूँ
गले
लगाना
भूल
गया
था
तुमको
मैं
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
34 Likes
इस
ज़िन्दगी
में
इतनी
फ़राग़त
किसे
नसीब
इतना
न
याद
आ
कि
तुझे
भूल
जाएँ
हम
Ahmad Faraz
Send
Download Image
41 Likes
Read More
तू
मिला
ही
नहीं
मगर
फिर
भी
है
बिछड़ने
का
मुझको
डर
फिर
भी
जानता
हूँ
तू
आ
नहीं
सकता
पर
सजाया
है
मैंने
घर
फिर
भी
Read Full
Sandeep Thakur
Send
Download Image
89 Likes
पहले
ख़ुद
को
एक
अच्छी
जाॅब
के
क़ाबिल
करूँँ
घर
ख़रीदूँ
कार
लूँ
फिर
पेश
तुझको
दिल
करूँँ
तू
कोई
एग्ज़ाम
है
क्या
पास
करना
है
तुझे
तू
कोई
डिग्री
है
क्या
पढ़कर
तुझे
हासिल
करूँँ
Read Full
Sandeep Thakur
Send
Download Image
29 Likes
पाँव
में
खनकी
चाँदी
हो
जैसे
उसने
मुंडेर
फाँदी
हो
जैसे
छत
पे
दो
पल
मिलन
जुदाई
में
धूप
में
बूँदा-बाँदी
हो
जैसे
Read Full
Sandeep Thakur
Send
Download Image
19 Likes
गुल
सा
तू
तेरा
साथ
ख़ुशबू
सा
हाथ
में
तेरा
हाथ
ख़ुशबू
सा
हो
के
तुझ
से
जुदा
भटकता
हूँ
गुल
से
बिछड़ी
अनाथ
ख़ुशबू
सा
Read Full
Sandeep Thakur
Send
Download Image
9 Likes
दरिया
की
लहरें
खुल
के
आज
गले
लगती
पुल
के
सूरज
भी
बन
सकते
हैं
सारे
जुगनू
मिल-जुल
के
शाम
उतर
आई
आख़िर
आज
बग़ावत
पे
खुल
के
बारिश
में
दरिया
के
संग
मिट्टी
बहती
है
घुल
के
गुजरे
पतझड़
के
साए
पहने
कोट
नए
गुल
के
तन-मन
भीग
गया
बरसीं
आँख
घटा
सब
मिल-जुल
के
प्यार
बिका
बाज़ारों
में
सोने-चांदी
में
तुल
के
चाँद
नदी
से
टकरा
कर
घिसता
जाए
घुल-घुल
के
Read Full
Sandeep Thakur
Download Image
59 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Angdaai Shayari
Qaid Shayari
Hug Shayari
Narazgi Shayari
Aanch Shayari