rishte se baahar nikle hain | रिश्ते से बाहर निकले हैं

  - Sandeep Thakur
रिश्तेसेबाहरनिकलेहैं
सद
मेंसेबाहरनिकलेहैं
बरसोंअंदरअंदरघुटकर
झटकेसेबाहरनिकलेहैं
आजउदासीतन्हाईके
क़ब्ज़ेसेबाहरनिकलेहैं
नींदहमारीटूटगईहै
सपनेसेबाहरनिकलेहैं
हरचादरसेपैरहमारे
थोड़ेसेबाहरनिकलेहैं
दिलमेंपिंजरालेकरपंछी
पिंजरेसेबाहरनिकलेहैं
लोगघुसेथेएकमहलमें
मलबेसेबाहरनिकलेहैं
इसमंज़िलकेसारेरस्ते
नक़्शेसेबाहरनिकलेहैं
  - Sandeep Thakur
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