naya suraj dikhaaya ja raha hai | नया सूरज दिखाया जा रहा है

  - Salman Yusuf
नयासूरजदिखायाजारहाहै
चराग़-ए-शबबुझायाजारहाहै
लगाकरझूटकापर्दाअदास
यहाँसचकोछिपायाजारहाहै
उसेदिलमेंबसायाजाचुकाहै
जिसेक़सदनभुलायाजारहाहै
जहाँकोहमहँसानाचाहतेहैं
मगरहमकोरुलायाजारहाहै
उसेआग़ोशमेंभरनेलगेहम
ज़मानाबिलबिलायाजारहाहै
यहीमिट्टीहमारीआबरूहै
हमेंजिस
मेंमिलायाजारहाहै
महलतामीरकरनेथेहमेंभी
ग़ज़लसेबसकिरायाजारहाहै
  - Salman Yusuf
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