awwal awwal to zaroorat men badal jaate hain | अव्वल अव्वल तो ज़रूरत में बदल जाते हैं

  - Saif Dehlvi
अव्वलअव्वलतोज़रूरतमेंबदलजातेहैं
दूरियाँकरतेहैंफिरदूरनिकलजातेहैं
बे-वफ़ामैंनेतुझेप्यारकियाहैजितना
इतनीचाहतसेतोपत्थरभीपिघलजातेहैं
कैसेहमग़ैरकाहोतेहुएदेखेंगेतुम्हें
तुमसेबातेंकोईकरताहैतोजलजातेहैं
जुर्महरबारनिगाहोंकानहींहोताहै
हज़रत-ए-दिलभीकईबारमचलजातेहैं
मैंनेहरबारयहीकहकेसॅंभालाख़ुदको
'सैफ़'कैसेभीहोंहालातबदलजातेहैं
  - Saif Dehlvi
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