kisi ki nazar ka deewana banuun | किसी की नज़र का दिवाना बनूँ

  - Sachin Sharma
किसीकीनज़रकादिवानाबनूँ
किसीकेलबोंकातरानाबनूँ
तूबनकरमुसाफ़िरअगरगया
तिरीरातकामैंठिकानाबनूँ
दराज़ोंकोजोभेदनेहैंलगे
चलेतीरऔरमैंनिशानाबनूँ
देदूँदेहअपनीसभीपुर्ज़ेभी
किमरतेहुएभीख़ज़ानाबनूँ
हमेशासेआँखोंमेंचुभतारहा
कभीदर्दकोईपुरानाबनूँ
  - Sachin Sharma
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