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Sachin Sharma
dekhte hi khumaar badh jaa.e
dekhte hi khumaar badh jaa.e | देखते ही ख़ुमार बढ़ जाए
- Sachin Sharma
देखते
ही
ख़ुमार
बढ़
जाए
इश्क़
का
फिर
बुख़ार
बढ़
जाए
रोज़
गोबर
लगा
के
बैठा
कर
चेहरे
का
फिर
निखार
बढ़
जाए
तुझ
सेे
मिलने
चला
मैं
आऊँगा
थोड़ी
सी
बस
पगार
बढ़
जाए
- Sachin Sharma
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तुमको
देकर
पकौड़ी
बेसन
की
ख़ुद
वो
पिज़्ज़ा
उड़ा
रही
होगी
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आप
से
फिर
से
मुहब्बत
जान
की
आफ़त
करें
हम
Sachin Sharma
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राम
मय
हो
गया
नगर
देखो
सज
रही
फूलों
से
डगर
देखो
राम
तो
सब
के
हो
ही
जाते
है
राम
के
हो
के
तुम
अगर
देखो
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Sachin Sharma
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एक
कमरे
सी
ज़िंदगी
मेरी
मेज़
कुर्सी
से
दोस्ती
मेरी
मोहतरम
जौन
याद
आते
हैं
चीख़ती
है
ये
ख़ामुशी
मेरी
जौन
को
याद
करता
हूँ
हरदम
अस्ल
में
है
ये
नौकरी
मेरी
जौन
को
सुनना
शे'र
कहना
है
जौन
से
ही
है
आशिक़ी
मेरी
जौन
सा
तजरबा
नहीं
है
तो
उम्र
कम
होगी
वाक़ई
मेरी
आपके
इल्म
में
इज़ाफ़ा
हो
जौन
पे
लिक्खी
शा'इरी
मेरी
शहर
में
लोग
कहते
हैं
पागल
जौन
जैसी
है
ज़िन्दगी
मेरी
मुस्कुराने
लगे
हैं
ये
पत्थर
जी
अनोखी
है
बुतगरी
मेरी
कहती
है
होंठों
से
लगाए
हो
छीनी
राधा
ने
बाँसुरी
मेरी
बहर
में
शे'र
कहना
सिखला
दूँ
आप
देखें
ये
रहबरी
मेरी
बस
ग़लत
को
ग़लत
कहा
था
तो
हो
गई
उन
से
दुश्मनी
मेरी
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Sachin Sharma
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पूछते
हैं
सबब
लाल
आँखों
का
सब
कहता
हूँ
रात
में
जगने
वाला
हूँ
मैं
Sachin Sharma
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