chup karaata hai sansaar ka dukh | चुप कराता है संसार का दुख

  - Saahir
चुपकराताहैसंसारकादुख
रोताहूँजबमैंबेकारकादुख
छतकोसरपेउठारक्खाहैपर
कौनपूछेहैदीवारकादुख
बादछहदिनकेइतवारआना
ढोनाछहदिनहैइतवारकादुख
आइएबैठिएतबकहींफिर
पूछियेआपबीमारकादुख
हैअसलमेंजुदाईकाडरजो
लगरहाहैतुम्हेंप्यारकादुख
म्यानमेंआँसूदेखेलगातब
क़ैदहैइस
मेंतलवारकादुख
फ़ायदेकीजगहघाटाहोना
हैनहींयेहीव्यापारकादुख
उभराउभरायेकाग़ज़बताए
उतराहैइकक़लमकारकादुख
इकतवायफ़नेहँसकरकेदेखा
छिपगयाफिरसेबाजारकादुख
चाहताहूँकिमैंरोऊँतुझमें
चाहिएमुझकोअबयारकादुख
चुपकराकेमुझेरोनेवाली
कानिकलआयाघरबारकादुख
चुनसहीशख़्सकोवरनाहोगा
उम्रभरएकइज़हारकादुख
रूठजानामनानानहींबस
येनहींहोतातक़रारकादुख
तुमकोहाँहोख़ुदाकरनाऐसा
तुमनहींजानोइनकारकादुख
  - Saahir
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