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Ravi 'VEER'
vo badalta ja raha hai sooraten apni magar
vo badalta ja raha hai sooraten apni magar | वो बदलता जा रहा है सूरतें अपनी मगर
- Ravi 'VEER'
वो
बदलता
जा
रहा
है
सूरतें
अपनी
मगर
मैं
चलाता
जा
रहा
हूँ
काम
इक
तस्वीर
से
शहर
को
बदले
उसे
तो
इक
ज़माना
हो
गया
अब
भला
क्या
काम
उसको
गाँव
बैठे
'वीर'
से
- Ravi 'VEER'
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इसी
फ़कीर
की
गफ़लत
से
आगही
ली
है
मेरे
चराग़
से
सूरज
ने
रौशनी
ली
है
गली-गली
में
भटकता
है
शोर
करता
हुआ
हमारे
इश्क़
ने
सस्ती
शराब
पी
ली
है
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Ammar Iqbal
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घर
पहुँचता
है
कोई
और
हमारे
जैसा
हम
तेरे
शहरस
जाते
हुए
मर
जाते
हैं
Abbas Tabish
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उसको
शहर
की
सड़कें
अच्छी
लगती
हैं
मेरा
क्या
है
मुझको
चलना
पड़ता
है
Kafeel Rana
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चाह
थी
दो
जहाँ
की
मगर
देखिए
इक
गली
से
गुज़रता
रहा
उम्र
भर
Ashraf Jahangeer
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अब
तो
गाँवो
में
भी
ईंटों
के
महल
बसने
लगे
गाँव
की
मिट्टी
से
वो
ख़ुशबू
रूहानी
ख़ो
गई
Divy Kamaldhwaj
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तेरी
गली
को
छोड़
के
पागल
नहीं
गया
रस्सी
तो
जल
गई
है
मगर
बल
नहीं
गया
मजनूँ
की
तरह
छोड़ा
नहीं
मैं
ने
शहर
को
या'नी
मैं
हिज्र
काटने
जंगल
नहीं
गया
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Ismail Raaz
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ऐ
शहर-ए-जान-ए-जाँ
ऐ
शहर-ए-हमदम
अगर
ज़िन्दा
रहे
फिर
आएँगे
हम
Shajar Abbas
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हम
तो
बचपन
में
भी
अकेले
थे
सिर्फ़
दिल
की
गली
में
खेले
थे
Javed Akhtar
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अब
के
सावन
में
शरारत
ये
मिरे
साथ
हुई
मेरा
घर
छोड़
के
कुल
शहर
में
बरसात
हुई
Gopaldas Neeraj
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सदियों
से
किनारे
पे
खड़ा
सूख
रहा
है
इस
शहर
को
दरिया
में
गिरा
देना
चाहिए
Mohammad Alvi
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जब
भी
उठी
हैं
नज़रें
मैंने
तुझे
ही
देखा
जब
भी
झुकी
हैं
नज़रे
आगे
तेरे
झुकी
है
Ravi 'VEER'
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शा'इरी
ये
हुस्न
और
ये
इश्क़
की
बातें
जनाब
इक
समय
तक
ठीक
है
फिर
छोड़
देनी
चाहिए
Ravi 'VEER'
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उसको
सुनता
हूँ
तो
ऐसा
लगता
है
जैसे
कोई
चिड़िया
चहका
करती
है
Ravi 'VEER'
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इश्क़
ने
तुम
पर
किया
एहसान
हैं
वरना
मियाँ
मुफ़्त
में
इतना
हसीं
महबूब
तो
मिलता
नहीं
Ravi 'VEER'
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हो
मुबारक
आपको
ये
सल्तनत
है
जहाँ
मेरी
नहीं
कुछ
अहमियत
काट
लेंगे
यार
हम
तनहाइयाँ
हो
मुबारक़
आपको
मसरूफ़ियत
मैं
जला
बैठा
जो
दिल
तो
क्या
हुआ
आपने
भी
तो
जला
डाले
हैं
ख़त
दरमियाँ
बढ़ती
गई
जब
दूरियाँ
नफ़रतों
ने
छीन
ली
मासूमियत
काट
लेंगे
यार
हम
तनहाइयाँ
हो
मुबारक़
आपको
मसरूफ़ियत
मैं
सभी
से
पूछ
लेता
हूँ
मगर
हैं
नहीं
पूछे
मेरी
जो
ख़ैरियत
मैं
अकेला
तो
नहीं
था
इश्क़
में
आपने
भी
तो
किए
थे
दस्तख़त
'वीर'
थोड़ा
मन
दुखा
पर
छोड़िए
कह
दिया
कुछ
भी
ग़लत
तो
माज़रत
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Ravi 'VEER'
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