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Ravi 'VEER'
chaand ishaare karta hai usko lekin
chaand ishaare karta hai usko lekin | चाँद इशारे करता है उसको लेकिन
- Ravi 'VEER'
चाँद
इशारे
करता
है
उसको
लेकिन
वो
छत
से
बस
मुझको
देखा
करती
है
- Ravi 'VEER'
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उस
चाँद
को
भी
रश्क
होता
था
उसी
को
देख
कर
मैं
भी
खुले
आकाश
में
तस्वीर
उसकी
चूमता
Ankit Yadav
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कुछ
फ़र्क़
क्यूँँ
हो
मुझ
में
जो
रौशन
हुए
हैं
आप
जलता
नहीं
है
चाँद
सितारों
को
देखकर
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Tanoj Dadhich
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तुम
भी
लिखना
तुम
ने
उस
शब
कितनी
बार
पिया
पानी
तुम
ने
भी
तो
छज्जे
ऊपर
देखा
होगा
पूरा
चाँद
Nida Fazli
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हम
पे
कर
ध्यान
अरे
चाँद
को
तकने
वाले
चाँद
के
पास
तो
मोहलत
है
सहर
होने
तक
Rehman Faris
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तरीक़े
और
भी
हैं
इस
तरह
परखा
नहीं
जाता
चराग़ों
को
हवा
के
सामने
रक्खा
नहीं
जाता
मोहब्बत
फ़ैसला
करती
है
पहले
चंद
लम्हों
में
जहाँ
पर
इश्क़
होता
है
वहाँ
सोचा
नहीं
जाता
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Abrar Kashif
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तेरी
हर
बात
मोहब्बत
में
गवारा
कर
के
दिल
के
बाज़ार
में
बैठे
हैं
ख़सारा
कर
के
आसमानों
की
तरफ़
फेंक
दिया
है
मैं
ने
चंद
मिट्टी
के
चराग़ों
को
सितारा
कर
के
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Rahat Indori
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ये
शफ़क़
चाँद
सितारे
नहीं
अच्छे
लगते
तुम
नहीं
हो
तो
नज़ारे
नहीं
अच्छे
लगते
Indira Varma
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मैं
पर्वतों
से
लड़ता
रहा
और
चंद
लोग
गीली
ज़मीन
खोद
के
फ़रहाद
हो
गए
Rahat Indori
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सूरज
सितारे
चाँद
मेरे
साथ
में
रहे
जब
तक
तुम्हारे
हाथ
मेरे
हाथ
में
रहे
Rahat Indori
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उसने
खिड़की
से
चाँद
देखा
था
मैंने
खिड़की
में
चाँद
देखा
है
Zubair Ali Tabish
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उसकी
आँखें
झुकती
हैं
तो
सारा
मंज़र
रुकता
है
उसकी
ख़ातिर
तो
यारों
क़ुर्बान
हुआ
जा
सकता
है
Ravi 'VEER'
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सब
सेे
हँसकर
मिलना
उसकी
आदत
थी
मुझको
लगता
था
मेरी
दीवानी
है
Ravi 'VEER'
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शा'इरी
क्या
ख़ाक
होगी
यार
उसके
हुस्न
पर
बस
कहूँगा
वो
ज़मीं
का
चाँद
लगता
है
मुझे
Ravi 'VEER'
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बस
मिली
ख़ामोशियाँ
कुछ
और
तो
पाया
नहीं
ख़ैर
जितना
भी
मिला
सो
वो
भी
तो
ज़ाया'
नहीं
रुक
गई
बातें
लबों
पर
और
फिर
कुछ
यूँँ
हुआ
उम्र
भर
इज़हार
का
लम्हा
कभी
आया
नहीं
दूर
भी
होते
गए
तो
मान
ली
मजबूरियाँ
वो
कभी
समझी
नहीं
और
मैंने
समझाया
नहीं
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Ravi 'VEER'
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इन
आँखों
को
ताजमहल
क्या
भाएगा
इन
आँखों
ने
उसका
चेहरा
देखा
है
Ravi 'VEER'
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