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Raunak Karn
muhabbat men gaii jab se akelaa chhod kar hamko
muhabbat men gaii jab se akelaa chhod kar hamko | मुहब्बत में गई जब से अकेले छोड़ कर हमको
- Raunak Karn
मुहब्बत
में
गई
जब
से
अकेले
छोड़
कर
हमको
ग़ज़ल
अब
एक
भी
हम
सेे
मुहब्बत
पर
नहीं
होती
- Raunak Karn
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हमारे
बाद
तेरे
इश्क़
में
नए
लड़के
बदन
तो
चू
मेंगे
ज़ुल्फ़ें
नहीं
सँवारेंगे
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Vikram Gaur Vairagi
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यूँँ
तो
रुस्वाई
ज़हर
है
लेकिन
इश्क़
में
जान
इसी
से
पड़ती
है
Fahmi Badayuni
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दीवार
है
दुनिया
इसे
राहों
से
हटा
दे
हर
रस्म-ए-मोहब्बत
को
मिटाने
के
लिए
आ
Hasrat Jaipuri
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अदावत
मुहब्बत
रफ़ाक़त
नहीं
है
हमें
तुम
सेे
कोई
शिकायत
नहीं
है
दिलों
को
लगाने
लगे
हो
जहाँँ
तुम
वहाँ
तो
किसी
को
मुहब्बत
नहीं
है
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Tiwari Jitendra
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दौलतें
मुद्दा
बनीं
या
ज़ात
आड़े
आ
गई
इश्क़
में
कोई
न
कोई
बात
आड़े
आ
गई
Baghi Vikas
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जब
चाहें
सो
जाते
थे
हम,
तुम
सेे
बातें
करके
तब
उल्टी
गिनती
गिनने
से
भी
नींद
नहीं
आती
है
अब
इश्क़
मुहब्बत
पर
ग़ालिब
के
शे'र
सुनाए
उसको
जब
पहले
थोड़ा
शरमाई
वो
फिर
बोली
इसका
मतलब?
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Tanoj Dadhich
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ये
इश्क़
भी
मुझे
लगता
है
बेटियों
की
तरह
जो
माँगता
है
अमूमन
उसे
नहीं
मिलता
Dipendra Singh 'Raaz'
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बहुत
आसान
है
कहना,
बुरा
क्या
है
भला
क्या
है
करोगे
इश्क़
तब
मालूम
होगा,
मसअला
क्या
है
Bhaskar Shukla
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किसी
ने
प्यार
जताया
जता
के
छोड़
दिया
हवा
में
मुझको
उठाया
उठा
के
छोड़
दिया
किसे
सिखा
रहे
हो
इश्क़
तुम
नए
लड़के
ये
राग
हमने
मियाँ
गा
बजा
के
छोड़
दिया
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Vishnu virat
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नई
नस्लें
समझ
पाएँ
मुहब्बत
के
मआनी
हमें
इस
वास्ते
भी
शा'इरी
करनी
पड़ेगी
Dipendra Singh 'Raaz'
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यहाँ
है
काम
से
मतलब
यहाँ
है
दाम
से
मतलब
यहाँ
मतलब
नहीं
है
अब
किसी
की
लाग़री
से
अब
Raunak Karn
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ग़ज़ल
में
दर्द
सारे
ख़ून
ही
लिखते
रहे
'रौनक'
मगर
फिर
भी
ग़ज़ल
कोई
सुनाई
ही
नहीं
मैंने
Raunak Karn
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कुछ
नहीं
है
साथ,
तू
क्यूँँ
साथ
है
बात
ग़म
की
है,
यहाँ
क्यूँँ
साथ
है
Raunak Karn
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अरे!
इस
शा'इरी
का
'
श
',
हमें
आता
नहीं
ये
भी
यहाँ
मिसरे
ग़ज़ल
की
बात
हम
सोचें
भला
कैसे
Raunak Karn
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हमारा
अब
कोई
हमदम
नहीं
है
चलो
इस
बात
का
भी
ग़म
नहीं
है
पढ़ाई
नौकरी
फिर
घर
चलाना
कोई
तो
और
अब
आलम
नहीं
है
रुकी
है
बात
इक
इज़हार
पे
बस
ये
दूरी
भी
तो
बोलो
कम
नहीं
है
गए
वो
वक़्त
जब
मस्ती
में
थे
हम
वो
प्यारा
दौर
वो
मौसम
नहीं
है
किया
है
याद
उसको
यादों
में
ही
हमारे
पास
तो
अल्बम
नहीं
है
फिरे
हैं
नोचने
वाले
ही
'रौनक'
किधर
देखें
कहीं
आदम
नहीं
है
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Raunak Karn
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