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Raunak Karn
kuchh nahin hai saath tu kyun saath hai
kuchh nahin hai saath tu kyun saath hai | कुछ नहीं है साथ, तू क्यूँँ साथ है
- Raunak Karn
कुछ
नहीं
है
साथ,
तू
क्यूँँ
साथ
है
बात
ग़म
की
है,
यहाँ
क्यूँँ
साथ
है
- Raunak Karn
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यारो
कुछ
तो
ज़िक्र
करो
तुम
उस
की
क़यामत
बाँहों
का
वो
जो
सिमटते
होंगे
उन
में
वो
तो
मर
जाते
होंगे
Jaun Elia
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पैग़ाम-ए-हयात-ए-जावेदाँ
था
हर
नग़्मा-ए-कृष्ण
बाँसुरी
का
Hasrat Mohani
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दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
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Abhishar Geeta Shukla
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अब
ये
भी
नहीं
ठीक
कि
हर
दर्द
मिटा
दें
कुछ
दर्द
कलेजे
से
लगाने
के
लिए
हैं
Jaan Nisar Akhtar
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मुझ
को
बीमार
करेगी
तिरी
आदत
इक
दिन
और
फिर
तुझ
से
भी
अच्छा
नहीं
हो
पाऊँगा
Rahul Jha
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ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
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तू
किसी
और
ही
दुनिया
में
मिली
थी
मुझ
सेे
तू
किसी
और
ही
मौसम
की
महक
लाई
थी
डर
रहा
था
कि
कहीं
ज़ख़्म
न
भर
जाएँ
मेरे
और
तू
मुट्ठियाँ
भर-भर
के
नमक
लाई
थी
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Tehzeeb Hafi
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दुखे
हुए
लोगों
की
दुखती
रग
को
छूना
ठीक
नहीं
वक़्त
नहीं
पूछा
करते
हैं
यारों
वक़्त
के
मारों
से
Vashu Pandey
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सर-ज़मीन-ए-हिंद
पर
अक़्वाम-ए-आलम
के
'फ़िराक़'
क़ाफ़िले
बसते
गए
हिन्दोस्ताँ
बनता
गया
Firaq Gorakhpuri
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पहले
पानी
को
और
हवा
को
बचाओ
ये
बचा
लो
तो
फिर
ख़ुदा
को
बचाओ
Swapnil Tiwari
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कपड़ा
मकान
छत
हो
ख़ुदा
सबके
पास
में
माँ
बाप
घर
में
हों
यहाँ
सब
ख़ुश-नसीब
हो
Raunak Karn
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हम
कहाँ
रोते
हैं
कभी
अब
यार
आँसू
छिपती
कहाँ
है
Raunak Karn
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यहाँ
तो
वक़्त
पे
रिश्ता
निभाता
तो
नहीं
है
अब
ज़िया
की
बात
हो
फिर
भी
बताता
तो
नहीं
है
अब
Raunak Karn
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रिश्ता
अदबी
रखते
थे
यार
उसी
के
दिल
से
हम
अब
हर
ग़लती
अपने
ही
हाथ
मिटाने
आए
हैं
Raunak Karn
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रहे
हैं
ग़म
सही
में
यार
अपने
बेघरी
से
अब
हमारा
दिल
अभी
बच्चा,
इसे
क्या
फ़रवरी
से
अब
Raunak Karn
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