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Kaviraj " Madhukar"
mujhe vo maa mili jisko hamaari fikr rahtii hai
mujhe vo maa mili jisko hamaari fikr rahtii hai | मुझे वो माँ मिली जिसको हमारी फ़िक्र रहती है
- Kaviraj " Madhukar"
मुझे
वो
माँ
मिली
जिसको
हमारी
फ़िक्र
रहती
है
मिला
वो
बाप
जो
हरदम
भला
ही
सोचता
रहता
- Kaviraj " Madhukar"
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अब
तो
उस
सूने
माथे
पर
कोरेपन
की
चादर
है
अम्मा
जी
की
सारी
सजधज,
सब
ज़ेवर
थे
बाबूजी
कभी
बड़ा
सा
हाथ
ख़र्च
थे
कभी
हथेली
की
सूजन
मेरे
मन
का
आधा
साहस,
आधा
डर
थे
बाबूजी
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Aalok Shrivastav
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मुझपे
पड़ती
नहीं
बलाओं
की
धूप
सर
पे
साया-फ़िगन
है
माँ
की
दु'आ
Amaan Haider
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किताबों
से
निकल
कर
तितलियाँ
ग़ज़लें
सुनाती
हैं
टिफ़िन
रखती
है
मेरी
माँ
तो
बस्ता
मुस्कुराता
है
Siraj Faisal Khan
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सब
ने
माना
मरने
वाला
दहशत-गर्द
और
क़ातिल
था
माँ
ने
फिर
भी
क़ब्र
पे
उस
की
राज-दुलारा
लिक्खा
था
Ahmad Salman
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बूढ़ी
माँ
का
शायद
लौट
आया
बचपन
गुड़ियों
का
अम्बार
लगा
कर
बैठ
गई
Irshad Khan Sikandar
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आ
रही
है
जो
बहू
सीधी
रहे
माँ
चाहती
जा
रही
बेटी
मगर
चालाक
होनी
चाहिए
Tanoj Dadhich
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इक
लड़की
है
जो
इकदम
घर
जैसी
है
वो
बिल्कुल
माँ
जैसी
बातें
करती
है
Siddharth Saaz
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तुम
जितना
तो
कोई
मुझको
ख़ास
नहीं
लेकिन
फिर
भी
क्यूँ
तुमको
विश्वास
नहीं
मुझ
सेे
बेहतर
लड़का
तो
मिल
जाएगा
लेकिन
मेरी
माँ
से
बेहतर
सास
नहीं
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Tanoj Dadhich
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अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
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Khalid Sajjad
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बाप
ज़ीना
है
जो
ले
जाता
है
ऊँचाई
तक
माँ
दु'आ
है
जो
सदा
साया-फ़गन
रहती
है
Sarfraz Nawaz
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मुहब्बत
के
नियम
कानून
को
हम
तोड़ते
कैसे
कि
जिस
सेे
प्यार
था
हमको
उसे
हम
छोड़ते
कैसे
Kaviraj " Madhukar"
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तुम्हारी
फरवरी
तुमको
मुबारक
हमारी
फरवरी
हम
काट
लेगें
Kaviraj " Madhukar"
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शायद
बहुत
मजबूर
है
मुझ
सेे
तभी
वो
दूर
है
कैसा
यहाँ
दस्तूर
है
चाहूँ
जिसे
वो
दूर
है
मुझ
में
नहीं
है
पर
मिरी
हर
शा'इरी
में
नूर
है
कोई
मिरा
होगा
नहीं
शायद
यहीं
दस्तूर
है
अब
आशिक़ी
को
छोड़कर
सब
कुछ
मुझे
मंज़ूर
है
जो
है
मुझे
तूने
दिया
वो
ज़ख़्म
तो
नासूर
है
ग़ालिब
कभी
मशहूर
थे
"मधुकर"
अभी
मशहूर
है
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Kaviraj " Madhukar"
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तुम्हें
दिल
से
निभाना
भी
नहीं
आता
हमें
अपना
बताना
भी
नहीं
आता
कि
हमको
प्यार
करना
आएगा
कैसे
कि
हमको
प्यार
पाना
भी
नहीं
आता
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Kaviraj " Madhukar"
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तुम्हारे
साथ
ये
जो
फ़रवरी
है
बहुत
ही
चाॅकलेटी
लग
रही
है
Kaviraj " Madhukar"
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