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Kaviraj " Madhukar"
ham itne saste hote to paison men aane lagte
ham itne saste hote to paison men aane lagte | हम इतने सस्ते होते तो पैसों में आने लगते
- Kaviraj " Madhukar"
हम
इतने
सस्ते
होते
तो
पैसों
में
आने
लगते
बेहद
कम
जिनकी
इज़्ज़त
उन
जैसों
में
आने
लगते
हम
ऐसे
वैसे
लोगों
से
तो
मिलते
जुलते
कम
हैं
वरना
अब
तक
हम
भी
ऐसे
वैसों
में
आने
लगते
- Kaviraj " Madhukar"
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कम
से
कम
मैंने
छुपा
ली
देख
कर
सिगरेट
तुम्हें
और
इस
लड़के
से
तुमको
कितनी
इज़्ज़त
चाहिए
Nadeem Shaad
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ग़ुरूर-ए-लुत्फ़-ए-साक़ी
नश्शा-ए-बे-बाकी-ए-मस्ताँ
नम-ए-दामान-ए-इस्याँ
है
तरावत
मौज-ए-कौसर
की
Mirza Ghalib
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बे-ख़ुदी
ले
गई
कहाँ
हम
को
देर
से
इंतिज़ार
है
अपना
Meer Taqi Meer
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सुन
ओ
कहानीकार
कोई
ऐसा
रोल
दे
ऐसे
अदा
करूँं
मेरी
इज़्ज़त
बनी
रहे
Afzal Ali Afzal
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तेरी
ख़ता
नहीं
जो
तू
ग़ुस्से
में
आ
गया
पैसे
का
ज़ो'म
था
तेरे
लहजे
में
आ
गया
सिक्का
उछालकर
के
तेरे
पास
क्या
बचा
तेरा
ग़ुरूर
तो
मेरे
काँसे
में
आ
गया
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Mehshar Afridi
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ज़ख़्म
की
इज़्ज़त
करते
हैं
देर
से
पट्टी
खोलेंगे
चेहरा
पढ़ने
वाले
चोर
गठरी
थोड़ी
खोलेंगे
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Khurram Afaq
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उधारी
सर
से
ऊपर
बढ़
चुकी
है
हमारी
जान
जोखिम
में
पड़ी
है
हमीं
अपमान
सहकर
जी
रहे
हैं
अना
की
लाश
पंखे
पर
मिली
है
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Vikas Sahaj
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निगल
ही
चुका
था
जफ़ा
का
निवाला
अना
फिर
तमाशा
नया
कर
रही
है
Amaan Pathan
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ख़िलाफ़-ए-शर्त-ए-अना
था
वो
ख़्वाब
में
भी
मिले
मैं
नींद
नींद
को
तरसा
मगर
नहीं
सोया
ख़िलाफ़-ए-मौसम-ए-दिल
था
कि
थम
गई
बारिश
ख़िलाफ़-ए-ग़ुर्बत-ए-ग़म
है
कि
मैं
नहीं
रोया
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Khalil Ur Rehman Qamar
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अना
को
अपनी
समझाना
पड़ेगा
बुलाती
है,
तो
फिर
जाना
पड़ेगा
Salman Zafar
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उसकी
बाँहो
में
ख़ुश
हो
तुम
सच
सच
बतलाना
जानेमन
Kaviraj " Madhukar"
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किसी
की
ओर
अब
जाना
नहीं
होता
तुम्हारी
ओर
जब
से
आ
गए
हैं
हम
Kaviraj " Madhukar"
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किसी
को
दिन
किसी
को
रात
का
ग़म
है
यहाँ
सबको
किसी
इक
बात
का
ग़म
है
तुम्हारे
साथ
रहकर
भी
अकेला
हूँ
मुझे
यारा
इसी
इक
बात
का
ग़म
है
तुम्हारे
पास
तो
है
बस
तुम्हारा
ग़म
हमारे
पास
मख़्लूका़त
का
ग़म
है
कहे
कुछ
भी
मगर
सच
तो
यही
है
बस
उसे
मेरे
बुरे
हालात
का
ग़म
है
दिलासा
तो
बहुत
तुम
दे
रहे
मुझको
पता
भी
है
मुझे
किस
बात
का
ग़म
है
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Kaviraj " Madhukar"
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बदले
मौसम
हालात
यहाँ
है
ख़ुशियों
की
बारात
यहाँ
होली
खेलेंगे
हम
भी
पर
खेलेंगे
तेरे
साथ
यहाँ
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Kaviraj " Madhukar"
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मुहब्बत
का
करो
ऐलान
यारो
जंग
में
कि
सबका
है
बड़ा
नुक़सान
यारो
जंग
में
Kaviraj " Madhukar"
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