hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kaviraj " Madhukar"
sach hai vo anjaan nahin hai
sach hai vo anjaan nahin hai | सच है वो अंजान नहीं है
- Kaviraj " Madhukar"
सच
है
वो
अंजान
नहीं
है
पर
वो
मेरी
जान
नहीं
है
तुम
जबसे
जग
में
आए
हो
तबसे
जग
वीरान
नहीं
है
उसके
बिन
हँसना
तो
छोडो़
रोना
भी
आसान
नहीं
है
जो
औरत
से
नफ़रत
करता
सच
में
वो
इंसान
नहीं
है
हम
है
तुमपर
मरने
वाले
तुमको
ये
भी
ध्यान
नहीं
है
- Kaviraj " Madhukar"
Download Ghazal Image
बस्ती
में
अपनी
हिन्दू
मुसलमाँ
जो
बस
गए
इंसाँ
की
शक्ल
देखने
को
हम
तरस
गए
Kaifi Azmi
Send
Download Image
41 Likes
अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
Read Full
Khalid Sajjad
Send
Download Image
27 Likes
देख
कर
इंसान
की
बेचारगी
शाम
से
पहले
परिंदे
सो
गए
Iffat Zarrin
Send
Download Image
24 Likes
लोगों
ने
बहुत
चाहा
अपना
सा
बना
डालें
पर
हम
ने
कि
अपने
को
इंसान
बहुत
रक्खा
Abdul Hameed
Send
Download Image
26 Likes
जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
87 Likes
इश्क़
जब
तक
न
कर
चुके
रुस्वा
आदमी
काम
का
नहीं
होता
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
29 Likes
तबक़ों
में
रंग-ओ-नस्ल
के
उलझा
के
रख
दिया
ये
ज़ुल्म
आदमी
ने
किया
आदमी
के
साथ
Bakhtiyar Ziya
Send
Download Image
22 Likes
बस-कि
दुश्वार
है
हर
काम
का
आसाँ
होना
आदमी
को
भी
मुयस्सर
नहीं
इंसाँ
होना
Mirza Ghalib
Send
Download Image
27 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
ढा
दे
जो
इंसान
के
दिल
में
रंग
ओ
नस्ल
की
दीवारें
कोई
तो
दस्तूर-ए-मोहब्बत
ऐसा
आलमगीर
लिखो
Iliyas ishqi
Send
Download Image
20 Likes
Read More
उसकी
क़िस्मत
के
क्या
कहने
जिसको
तूने
हाँ
बोला
है
Kaviraj " Madhukar"
Send
Download Image
26 Likes
मिला
हूँ
आज
तुम
सेे
पर
यक़ीं
मानो
कई
सालों
से
तुमको
जानता
हूँ
मैं
Kaviraj " Madhukar"
Send
Download Image
0 Likes
मिरा
दिल
बस
उसी
को
चाहता
है
वही
जो
अब
किसी
का
हो
चुका
है
अगर
तू
ही
नहीं
है
पास
मेरे
बता
फिर
पास
मेरे
क्या
बचा
है?
जगह
दिल
में
हमारे
है
नहीं
अब
कि
उसकी
याद
से
दिल
भर
चुका
है
मुझे
तुम
छोड़कर
क्यूँ
जा
रहे
हो
बताओ
भी
कि
मुझ
में
क्या
बुरा
है?
अगर
तुम
देखते,
तो
देख
लेते
मिरे
दिल
में
कहाँ
पर
क्या
छुपा
है?
कि
मुझको
छोड़
दे
बेशक
अभी
तू
अगर
मुझ
सेे
तिरा
जी
भर
गया
है
Read Full
Kaviraj " Madhukar"
Download Image
0 Likes
याद
नहीं
करती
है
अब
तो
वो
बिल्कुल
भी
मधुकर
को
भूल
चुकी
है
शायद
वो
अपने
असली
वाले
घर
को
Kaviraj " Madhukar"
Send
Download Image
2 Likes
हमारे
साथ
जीवन
भर
रहेगा
जो
पिताजी
से
मिला
वो
हौसला
हमको
Kaviraj " Madhukar"
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Ujaala Shayari
Patriotic Shayari
Dipawali Shayari
Romance Shayari
Muflisi Shayari