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Kaviraj " Madhukar"
sabhi armaan mitaakar aa rahe hain
sabhi armaan mitaakar aa rahe hain | सभी अरमाँ मिटाकर आ रहे हैं
- Kaviraj " Madhukar"
सभी
अरमाँ
मिटाकर
आ
रहे
हैं
जले
दीपक
बुझाकर
आ
रहे
हैं
वही
जो
शख़्स
दिल
में
था
हमारे
उसी
को
आज
पाकर
आ
रहें
हैं
सभी
को
कह
दिया
हमने
पराया
उसे
अपना
बनाकर
आ
रहे
हैं
हमें
कब
का
हुआ
है
इश्क़
उस
सेे
उसे
ये
अब
बताकर
आ
रहे
हैं
हमें
भी
रास
आई
है
मुहब्बत
कि
हम
भी
दिल
लगाकर
आ
रहे
हैं
जिसे
हम
कल
सताकर
आ
गए
थे
उसे
ही
अब
मनाकर
आ
रहे
हैं
- Kaviraj " Madhukar"
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हज़ारों
ख़्वाहिशें
ऐसी
कि
हर
ख़्वाहिश
पे
दम
निकले
बहुत
निकले
मिरे
अरमान
लेकिन
फिर
भी
कम
निकले
Mirza Ghalib
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नहीं
हर
चंद
किसी
गुम-शुदा
जन्नत
की
तलाश
इक
न
इक
ख़ुल्द-ए-तरब-नाक
का
अरमाँ
है
ज़रूर
बज़्म-ए-दोशंबा
की
हसरत
तो
नहीं
है
मुझ
को
मेरी
नज़रों
में
कोई
और
शबिस्ताँ
है
ज़रूर
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Asrar Ul Haq Majaz
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हुस्न
बख़्शा
जो
ख़ुदा
ने
आप
बख़्शें
दीद
अपनी
आरज़ू–ए–चश्म
पूरी
हो
मुकम्मल
ईद
अपनी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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पुरानी
चाहत
के
ज़ख़्म
अब
तक
भरे
नहीं
हैं
और
एक
लड़की
पड़ी
है
पीछे
बड़े
जतन
से
Ashu Mishra
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भटकती
रूहों
का
बोझ
कब
तक
कोई
उठाता
कहीं
ठहरता,पनाह
लेता,
तो
साथ
होता
मैं
जिस
'अक़ीदत
के
साथ
उसको
भुला
रहा
हूँ
उसी
'अक़ीदत
से
चाह
लेता,
तो
साथ
होता
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Armaan khan
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उड़
गए
सारे
परिंदे
मौसमों
की
चाह
में
इंतिज़ार
उन
का
मगर
बूढे
शजर
करते
रहे
Ambreen Haseeb Ambar
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दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
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मरने
का
है
ख़याल
ना
जीने
की
आरज़ू
बस
है
मुझे
तो
वस्ल
के
मौसम
की
जुस्तजू
Muzammil Raza
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आरज़ू'
जाम
लो
झिजक
कैसी
पी
लो
और
दहशत-ए-गुनाह
गई
Arzoo Lakhnavi
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ये
क़त्ल-ए-आम
और
बे-इज़्न
क़त्ल-ए-आम
क्या
कहिए
ये
बिस्मिल
कैसे
बिस्मिल
हैं
जिन्हें
क़ातिल
नहीं
मिलता
वहाँ
कितनों
को
तख़्त
ओ
ताज
का
अरमाँ
है
क्या
कहिए
जहाँ
साइल
को
अक्सर
कासा-ए-साइल
नहीं
मिलता
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Asrar Ul Haq Majaz
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हमने
बस
उसको
चाहा
है
कोई
उसको
ये
बतला
दे
Kaviraj " Madhukar"
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बहुत
नाज़ुक
मिरी
हालत
दुखों
का
यार
मेला
मैं
बताऊँ
क्या
उदासी
को
बहुत
सरकार
झेला
मैं
मुझे
तुम
छोड़कर
ख़ुश
हो
बहुत
ख़ुश
हो
मगर
सच
में
सुनो
रिमझिम
तुम्हारे
बिन
अकेला
हूँ
अकेला
मैं
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Kaviraj " Madhukar"
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ख़बर
जब
भी
मिली
मुझको
तुम्हारी
मैं
उल्टे
पाँव
घर
को
लौट
आया
Kaviraj " Madhukar"
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अब
तो
ग़म
को
ढ़ोना
होगा
जो
पाया
है
खोना
होगा
रोना
लिक्खा
है
किस्मत
में
सो
हमने
बस
रोना
होगा
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Kaviraj " Madhukar"
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जैसी
चाही
वैसी
तू
है
बेहद
प्यारी
लड़की
तू
है
ये
दुनिया
अच्छी
है
लेकिन
इस
दुनिया
से
अच्छी
तू
है
हमनें
सारी
दुनिया
देखी
दुनिया
में
बस
तुझ
सेी
तू
है
तब
तब
ये
दिल
खिल
जाता
है
जब
जब
मुझको
दिखती
तू
है
दुनिया
तेरा
क्या
कर
लेगी
क्यूँँ
दुनिया
से
डरती
तू
है
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Kaviraj " Madhukar"
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