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Ankit Raj
kyun sajaate hain KHvaab janmon ke
kyun sajaate hain KHvaab janmon ke | क्यूँँ सजाते हैं ख़्वाब जन्मों के
- Ankit Raj
क्यूँँ
सजाते
हैं
ख़्वाब
जन्मों
के
चंद
लम्हों
की
ज़िंदगी
में
हम
- Ankit Raj
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माना
कि
सब
के
सामने
मिलने
से
है
हिजाब
लेकिन
वो
ख़्वाब
में
भी
न
आएँ
तो
क्या
करें
Akhtar Shirani
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बढ़
के
इम्कान
से
नुक़्सान
उठाए
हुए
हैं
हम
मुहब्बत
में
बहुत
नाम
कमाए
हुए
हैं
मेरे
मौला
मुझे
ता'बीर
की
दौलत
दे
दे
मैंने
इक
शख़्स
को
कुछ
ख़्वाब
दिखाए
हुए
हैं
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Ejaz Tawakkal Khan
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जब
भी
कश्ती
मिरी
सैलाब
में
आ
जाती
है
माँ
दु'आ
करती
हुई
ख़्वाब
में
आ
जाती
है
Munawwar Rana
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तूने
देखी
है
वो
पेशानी
वो
रुख़्सार
वो
होंठ
ज़िंदगी
जिनके
तसव्वुर
में
लुटा
दी
हमने
तुझपे
उठी
हैं
वो
खोई
हुई
साहिर
आँखें
तुझको
मालूम
है
क्यूँ
उम्र
गंवा
दी
हमने
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Faiz Ahmad Faiz
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नए
दौर
के
नए
ख़्वाब
हैं
नए
मौसमों
के
गुलाब
हैं
ये
मोहब्बतों
के
चराग़
हैं
इन्हें
नफ़रतों
की
हवा
न
दे
Bashir Badr
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मैंने
मुद्दत
से
कोई
ख़्वाब
नहीं
देखा
है
हाथ
रख
दे
मेरी
आँखों
पे
कि
नींद
आ
जाए
Waseem Barelvi
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'असद'
ये
शर्त
नहीं
है
कोई
मुहब्बत
में
कि
जिस
सेे
प्यार
करो
उसकी
आरज़ू
भी
करो
Subhan Asad
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भरे
हुए
जाम
पर
सुराही
का
सर
झुका
तो
बुरा
लगेगा
जिसे
तेरी
आरज़ू
नहीं
तू
उसे
मिला
तो
बुरा
लगेगा
ये
आख़िरी
कंपकंपाता
जुमला
कि
इस
तअ'ल्लुक़
को
ख़त्म
कर
दो
बड़े
जतन
से
कहा
है
उस
ने
नहीं
किया
तो
बुरा
लगेगा
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Zubair Ali Tabish
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कुछ
इस
लिए
भी
तेरी
आरज़ू
नहीं
है
मुझे
मैं
चाहता
हूँ
मेरा
इश्क़
जावेदानी
हो
Vipul Kumar
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कि
तुमको
देखने
के
बाद
यारा
तुम्हारे
ख़्वाब
सब
देखा
करेंगे
Kaviraj " Madhukar"
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तू
मेरा
दोस्त
प्यार
सब
कुछ
है
तू
है
तो
मेरे
यार
सब
कुछ
है
अब
आ
भी
जा
के
तेरे
पहलू
में
चैन
राहत
करार
सब
कुछ
है
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Ankit Raj
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तुम
ने
इस
बात
का
पता
नहीं
है
इश्क़
का
कोई
दायरा
नहीं
है
दो
किनारे
हैं
इस
नदी
के
हम
और
किनारों
में
फ़ासला
नहीं
है
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Ankit Raj
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मैं
कितनी
देर
तक
यूँँ
भी
भला
तुझ
सेे
ख़फ़ा
रहता
Ankit Raj
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नई
नहीं
है
ये
उस
की
पुरानी
आदत
है
शिकायतें
वो
मेरी
तो
सभी
से
करता
है
Ankit Raj
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कहीं
दरिया
बनाते
हैं
कहीं
सहरा
बनाते
हैं
जहाँ
रस्ता
नहीं
होता
वहाँ
रस्ता
बनाते
हैं
Ankit Raj
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