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Ankit Raj
nayi nahin hai ye us ki puraani aadat hai
nayi nahin hai ye us ki puraani aadat hai | नई नहीं है ये उस की पुरानी आदत है
- Ankit Raj
नई
नहीं
है
ये
उस
की
पुरानी
आदत
है
शिकायतें
वो
मेरी
तो
सभी
से
करता
है
- Ankit Raj
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एक
मुझे
ख़्वाब
देखने
के
सिवा
चाय
पीने
की
गंदी
आदत
है
Balmohan Pandey
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मैं
क्या
कहूँ
के
मुझे
सब्र
क्यूँँ
नहीं
आता
मैं
क्या
करूँँ
के
तुझे
देखने
की
आदत
है
Ahmad Faraz
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एक
उसको
ही
पता
थी
मेरी
आदत
वो
नहीं
हँसता
था
मेरे
कहकहे
पर
Siddharth Saaz
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रूठ
अगर
जाए
तो
फिर
हफ़्तों
रूठे
इक
आदत
उस
में
भी
ग़ज़लों
वाली
थी
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Tanoj Dadhich
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दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
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Abhishar Geeta Shukla
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आदत
सी
बना
ली
है
तुमने
तो
'मुनीर'
अपनी
जिस
शहर
में
भी
रहना
उकताए
हुए
रहना
Muneer Niyazi
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कितना
भी
दर्द
पिला
दे
ख़ुदा
पी
सकता
हूँ
ज़िन्दगी
हिज्र
से
भर
दे
मिरी
जी
सकता
हूँ
हर
दफ़ा
दिल
पे
ही
खा
के
हुई
है
आदत
ये
बंद
आँखों
से
भी
हर
ज़ख़्म
को
सी
सकता
हूँ
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Faiz Ahmad
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मुझे
मायूस
भी
करती
नहीं
है
यही
आदत
तिरी
अच्छी
नहीं
है
Javed Akhtar
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ज़रा
रूठ
जाने
पे
इतनी
ख़ुशामद
'क़मर'
तुम
बिगाड़ोगे
आदत
किसी
की
Qamar Jalalvi
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जाने
कैसे
ख़ुश
रहने
की
आदत
डाली
जाती
है
उनके
यहाँ
तो
बारिश
में
भी
धूप
निकाली
जाती
है
Ritesh Rajwada
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एक
दो
पल
तो
ज़रा
तुम
और
रुक
जाओ
ना
ऐसी
भी
जल्दी
भला
क्या
है
चले
जाना
तुम
Ankit Raj
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वो
मुझ
सेे
आगे
बढ़ता
ही
गया
औ'र
मैं
उसकी
याद
में
बैठा
हुआ
था
Ankit Raj
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आँख
से
जब
तुम्हारी
उतारे
गए
जाँ
बचानी
पड़ी,
जिस्म
हारे
गए
हिज्र
में
तो
तुम्हारे
यही
बस
हुआ
रात
काटी
गई
,
दिन
गुज़ारे
गए
इश्क़
का
भूत
चढ़ने
लगा
था
हमें
एक
इक
कर
के
हम
यार
सारे
गए
चाँद
पीछे
तुम्हारे
था
पहले
गया
धीरे
धीरे
से
फिर
ये
सितारे
गए
तितलियों
को
बुलाया
गया
और
फिर
रंग
फूलों
से
तेरे
निखारे
गए
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Ankit Raj
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दिल
की
चौसर
ही
जीत
ली
उसने
दाँव
हर
कामयाब
है
उसका
Ankit Raj
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बात
दोनों
की
होती
रही
सुब्ह
तक
चाँद
भी
जगमगाता
रहा
रात
भर
Ankit Raj
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