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Ankit Raj
vahii khidki vahii rastaa hamaara
vahii khidki vahii rastaa hamaara | वही खिड़की वही रस्ता हमारा
- Ankit Raj
वही
खिड़की
वही
रस्ता
हमारा
बहुत
मशहूर
था
कि़स्सा
हमारा
गुज़रते
हैं
गली
से
तेरी
अब
भी
बदलता
ही
नहीं
रस्ता
हमारा
उसी
को
हम
चलो
मज़बूत
कर
लें
बचा
जैसा
भी
है
रिश्ता
हमारा
हमें
ये
डर
सताये
जा
रहा
है
तुम्हारे
बाद
क्या
होगा
हमारा
तुम्हारे
हाथ
फूलों
से
भरें
हैं
किताबों
से
भरा
बस्ता
हमारा
कभी
हम
भी
किसी
को
याद
आते
कोई
तो
रास्ता
तकता
हमारा
- Ankit Raj
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काग़ज़
में
दब
के
मर
गए
कीड़े
किताब
के
दीवाना
बे-पढ़े-लिखे
मशहूर
हो
गया
Bashir Badr
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मेरी
शोहरत
के
तक़ाज़े
ही
अलग
थे
ताबिश
गुमशुदा
रहते
हुए
नाम
कमाना
था
मुझे
Tousief Tabish
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दौलत
शोहरत
जैसी
छोटी
चीज़ों
का
ख़ुद्दारी
के
आगे
कोई
मोल
नहीं
Poonam Yadav
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अब
न
मैं
वो
हूँ
न
बाकी
हैं
ज़माने
मेरे
फिर
भी
मशहूर
हैं
शहरों
में
फ़साने
मेरे
Rahat Indori
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शोहरत
की
बुलंदी
भी
पल
भर
का
तमाशा
है
जिस
डाल
पे
बैठे
हो
वो
टूट
भी
सकती
है
Bashir Badr
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बस
ख़ुद-कुशी
से
बचने
का
जरिया
है
शा'इरी
हमको
सुख़न-वरी
से
तो
शोहरत
तलब
नहीं
Sabir Hussain
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उस
के
दिल
की
आग
ठंडी
पड़
गई
मुझ
को
शोहरत
मिल
गई
इल्ज़ाम
से
Siraj Faisal Khan
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ज़माने
से
मिली
शोहरत
ज़माने
तक
ही
सीमित
है
हम
अपना
कद
हमारे
दोस्त
से
ऊँचा
नहीं
रखते
Asad Akbarabadi
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क्या
पूछते
हो
कौन
है
ये
किस
की
है
शोहरत
क्या
तुम
ने
कभी
'दाग़'
का
दीवां
नहीं
देखा
Dagh Dehlvi
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सियाह
रात
की
सरहद
के
पार
ले
गया
है
अजीब
ख़्वाब
था
आँखें
उतार
ले
गया
है
है
अब
जो
ख़ल्क़
में
मजनूँ
के
नाम
से
मशहूर
वो
मेरी
ज़ात
से
वहशत
उधार
ले
गया
है
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Abhishek shukla
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हमारे
हाथ
में
तस्वीर
इक
पुरानी
थी
हमारी
आँख
में
गुज़रा
हुआ
ज़माना
था
Ankit Raj
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बस
कहानी
है
जन्नत
की
बातें
सभी
इस
जहाँ
में
जहाँ-शाद
कुछ
भी
नहीं
Ankit Raj
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जो
मैं
समझा
कहीं
ये
वही
तो
नहीं
है
इश्क़
की
ये
जड़ें
शा'इरी
तो
नहीं
है
क्या
हुआ
साथ
में
मेरे
तुम
जो
नहीं
हो
चाँद
के
पास
भी
रौशनी
तो
नहीं
है
ये
नए
दौर
की
नस्ल
अच्छी
तो
है
पर
फूल
में
पहले
सी
ताज़गी
तो
नहीं
है
देख
कर
मैं
उसे
देखता
ही
रहा
बस
तुमको
इस
सेे
बड़ी
बेबसी
तो
नहीं
है
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Ankit Raj
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अपने
साए
से
भी
डर
लगता
है
कितना
तन्हा
अब
ये
घर
लगता
है
Ankit Raj
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वहीं
पे
आ
गयें
है
फिर
जहाँ
से
दूर
जाना
था
Ankit Raj
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