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Ankit Raj
bas kahaanii hai jannat ki baatein sabhi
bas kahaanii hai jannat ki baatein sabhi | बस कहानी है जन्नत की बातें सभी
- Ankit Raj
बस
कहानी
है
जन्नत
की
बातें
सभी
इस
जहाँ
में
जहाँ-शाद
कुछ
भी
नहीं
- Ankit Raj
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घर
से
निकले
हुए
बेटों
का
मुक़द्दर
मालूम
माँ
के
क़दमों
में
भी
जन्नत
नहीं
मिलने
वाली
Iftikhar Arif
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झुके
तो
जन्नत
उठे
तो
ख़ंजर
करेंगी
हम
को
तबाह
आँखें
Parul Singh "Noor"
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हमेशा
साथ
सबके
तो
ख़ुदा
भी
रह
नहीं
सकता
बनाकर
औरतें
उसने
ज़मीं
को
यूँँ
किया
जन्नत
Anukriti 'Tabassum'
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मैं
सालों
बाद
जब
भी
गाँव
जाता
हूँ
लिए
पीपल
की
ठंडी
छाँव
जाता
हूँ
कहीं
मैली
न
हो
जाए
ये
जन्नत
मैं
माँ
के
पास
नंगे
पाँव
जाता
हूँ
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Ashok Sagar
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ज़मीं
पे
घर
बनाया
है
मगर
जन्नत
में
रहते
हैं
हमारी
ख़ुश-नसीबी
है
कि
हम
भारत
में
रहते
हैं
Mehshar Afridi
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इसी
दुनिया
में
दिखा
दें
तुम्हें
जन्नत
की
बहार
शैख़
जी
तुम
भी
ज़रा
कू-ए-बुताँ
तक
आओ
Ali Sardar Jafri
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उम्र-भर
के
सज्दों
से
मिल
नहीं
सकी
जन्नत
ख़ुल्द
से
निकलने
को
इक
गुनाह
काफ़ी
है
Ambreen Haseeb Ambar
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हम
को
मालूम
है
जन्नत
की
हक़ीक़त
लेकिन
दिल
के
ख़ुश
रखने
को
'ग़ालिब'
ये
ख़याल
अच्छा
है
Mirza Ghalib
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जन्नत
में
आ
गया
था
किसी
अप्सरा
पे
दिल
जिसकी
सज़ा-ए-मौत
में
दुनिया
मिली
मुझे
Ankit Maurya
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तुम्हारे
पाँव
क़सम
से
बहुत
ही
प्यारे
हैं
ख़ुदा
करे
मेरे
बच्चों
की
इन
में
जन्नत
हो
Rafi Raza
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याद
में
हम
दिए
जलाते
हैं
जाने
वाले
तो
छोड़
जाते
हैं
आप
करते
हैं
इश्क़
का
मातम
जश्न
हम
हिज्र
का
मनाते
हैं
तब
कहीं
एक
नज़्म
होती
है
आप
नजदीक
ज़ब
बुलाते
हैं
रौशनी
भी
नसीब
नइ
उनको
शहर
में
वो
दिए
बनाते
हैं
कोई
होगा
कहीं
पता
उनका
लोग
बिछड़े
कहाँ
को
जाते
हैं
आप
जाते
नहीं
है
यादों
से
याद
आते
थे
याद
आते
हैं
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Ankit Raj
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तुम्हारी
याद
से
निकली
उदासी
सभी
पहलू
से
है
अच्छी
उदासी
जहाँ
पहले
कभी
ख़ुशियाँ
रखी
थी
वहीं
पे
आज
है
रक्खी
उदासी
किसी
ने
दिल
के
अंदर
है
छिपाई
किसी
ने
चेहरे
पे
रक्खी
उदासी
उदासी
ने
भी
आख़िर
तंग
आ
कर
ये
मुझ
से
कह
दिया
इतनी
उदासी
जहाँ
में
सब
सेे
गहरा
है
समुंदर
समुंदर
से
भी
है
गहरी
उदासी
ख़ुशी
ने
पाँव
तक
समटे
हुए
हैं
बहुत
है
दूर
तक
फैली
उदासी
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Ankit Raj
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हमारे
हाथ
में
तस्वीर
इक
पुरानी
थी
हमारी
आँख
में
गुज़रा
हुआ
ज़माना
था
Ankit Raj
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रब,
भला
कैसे
बाँटता
है
दुख
जाने
कैसा
हिसाब
है
उसका
Ankit Raj
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उतरना
इश्क़
की
गहराइयों
में
डरते
हुए
किसी
को
देखा
नहीं
डूब
के
उभरते
हुए
Ankit Raj
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