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Ankit Raj
jo main samjha kahii ye vahii to nahin hai
jo main samjha kahii ye vahii to nahin hai | जो मैं समझा कहीं ये वही तो नहीं है
- Ankit Raj
जो
मैं
समझा
कहीं
ये
वही
तो
नहीं
है
इश्क़
की
ये
जड़ें
शा'इरी
तो
नहीं
है
क्या
हुआ
साथ
में
मेरे
तुम
जो
नहीं
हो
चाँद
के
पास
भी
रौशनी
तो
नहीं
है
ये
नए
दौर
की
नस्ल
अच्छी
तो
है
पर
फूल
में
पहले
सी
ताज़गी
तो
नहीं
है
देख
कर
मैं
उसे
देखता
ही
रहा
बस
तुमको
इस
सेे
बड़ी
बेबसी
तो
नहीं
है
- Ankit Raj
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कुछ
फ़र्क़
क्यूँँ
हो
मुझ
में
जो
रौशन
हुए
हैं
आप
जलता
नहीं
है
चाँद
सितारों
को
देखकर
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Tanoj Dadhich
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हम
अपनी
धूप
में
बैठे
हैं
'मुश्ताक़'
हमारे
साथ
है
साया
हमारा
Ahmad Mushtaq
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झूट
पर
उसके
भरोसा
कर
लिया
धूप
इतनी
थी
कि
साया
कर
लिया
Shariq Kaifi
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धूप
ये
अठखेलियाँ
हर
रोज़
करती
है
एक
छाया
सीढ़ियाँ
चढ़ती
उतरती
है
यह
दिया
चौरास्ते
का
ओट
में
ले
लो
आज
आँधी
गाँव
से
हो
कर
गुज़रती
है
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Dushyant Kumar
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धूप
में
कौन
किसे
याद
किया
करता
है
पर
तिरे
शहर
में
बरसात
तो
होती
होगी
Ameer Imam
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रिश्तों
की
ये
नाज़ुक
डोरें
तोड़ी
थोड़ी
जाती
हैं,
अपनी
आँखें
दुखती
हों
तो
फोड़ी
थोड़ी
जाती
हैं
ये
कांटे,
ये
धूप,
ये
पत्थर
इनसे
कैसा
डरना
है
राहें
मुश्किल
हो
जाएँ
तो
छोड़ी
थोड़ी
जाती
हैं
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Subhan Asad
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आज
की
रात
दिवाली
है
दिए
रौशन
हैं
आज
की
रात
ये
लगता
है
मैं
सो
सकता
हूँ
Azm Shakri
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इक
दिए
से
एक
कमरा
भी
बहुत
है
दिल
जलाने
से
ये
घर
रौशन
हुआ
है
Neeraj Neer
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तारीकियों
को
आग
लगे
और
दिया
जले
ये
रात
बैन
करती
रहे
और
दिया
जले
उस
की
ज़बाँ
में
इतना
असर
है
कि
निस्फ़
शब
वो
रौशनी
की
बात
करे
और
दिया
जले
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Tehzeeb Hafi
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घर
में
ठंडे
चूल्हे
पर
अगर
ख़ाली
पतीली
है
बताओ
कैसे
लिख
दूँ
धूप
फागुन
की
नशीली
है
Adam Gondvi
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एक
दो
पल
तो
ज़रा
तुम
और
रुक
जाओ
ना
ऐसी
भी
जल्दी
भला
क्या
है
चले
जाना
तुम
Ankit Raj
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वही
खिड़की
वही
रस्ता
हमारा
बहुत
मशहूर
था
कि़स्सा
हमारा
गुज़रते
हैं
गली
से
तेरी
अब
भी
बदलता
ही
नहीं
रस्ता
हमारा
उसी
को
हम
चलो
मज़बूत
कर
लें
बचा
जैसा
भी
है
रिश्ता
हमारा
हमें
ये
डर
सताये
जा
रहा
है
तुम्हारे
बाद
क्या
होगा
हमारा
तुम्हारे
हाथ
फूलों
से
भरें
हैं
किताबों
से
भरा
बस्ता
हमारा
कभी
हम
भी
किसी
को
याद
आते
कोई
तो
रास्ता
तकता
हमारा
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Ankit Raj
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पूछती
है
उदासी
लिपट
के
मुझे
मैं
तेरी
कौन
हूँ
तू
मिरा
कौन
है
Ankit Raj
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जबीं
से
होठ
तक
होते
हुए
फिर
तो
बदन
का
तेरे
रस्ता
ढूंढ
लेंगे
हम
Ankit Raj
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तू
नहीं
तो
यहाँ
दूसरा
कौन
है
ख़्वाब
में
फिर
मुझे
छू
रहा
कौन
है
पूछती
है
उदासी
लिपट
के
मुझे
मैं
तेरी
कौन
हूँ
तू
मिरा
कौन
है
चाहता
भी
हूँ
मेरा
तमाशा
बने
देखना
है
मुझे
देखता
कौन
है
हाथ
ज़ब
छोड़ना
उनका
ये
सोचना
तेरा
दुनिया
में
उनके
सिवा
कौन
है
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Ankit Raj
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