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Ankit Raj
koi gumaan hai koi yaqeen hai
koi gumaan hai koi yaqeen hai | कोई ग़ुमाँ है कोई यक़ीं है
- Ankit Raj
कोई
ग़ुमाँ
है
कोई
यक़ीं
है
मुझे
पता
है
के
तू
यहीं
है
जहाँ
न
सोचा
उसी
जगह
है
जहाँ
लगा
था
वहीं
नहीं
है
मिले
ज़माने
में
धोखे
इतने
के
देख
कर
भी
यक़ीं
नहीं
है
मुझे
सितारों
से
क्या
कि
मेरा
तू
आसमाँ
है
तू
ही
ज़मीं
है
- Ankit Raj
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जिसे
मंज़िल
बताया
जा
रहा
था
वो
रस्ते
के
सिवा
कुछ
भी
नहीं
है
Atul K Rai
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सीने
लगाऊँ
ग़ैर
को
तो
पूछता
है
दिल
किसकी
जगह
थी
और
ये
सीने
पे
कौन
है
Ankit Maurya
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धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
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पहले
थोड़ी
मुश्किल
होगी
आगे
लेकिन
मंज़िल
होगी
सब
बाराती
शायर
होंगे
मेरी
शादी
महफ़िल
होगी
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Tanoj Dadhich
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'फ़ैज़'
थी
राह
सर-ब-सर
मंज़िल
हम
जहाँ
पहुँचे
कामयाब
आए
Faiz Ahmad Faiz
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अपना
हर
तिनका
समेटे
किस
जगह
पर
जा
छुपे
हम
तिरी
आवाज़
की
चिड़ियों
से
घबराते
हुए
Swapnil Tiwari
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मुझ
में
थोड़ी
सी
जगह
भी
नहीं
नफ़रत
के
लिए
मैं
तो
हर
वक़्त
मोहब्बत
से
भरा
रहता
हूँ
Mirza Athar Zia
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ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
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Azm Shakri
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मंज़िल
पे
न
पहुँचे
उसे
रस्ता
नहीं
कहते
दो
चार
क़दम
चलने
को
चलना
नहीं
कहते
इक
हम
हैं
कि
ग़ैरों
को
भी
कह
देते
हैं
अपना
इक
तुम
हो
कि
अपनों
को
भी
अपना
नहीं
कहते
कम-हिम्मती
ख़तरा
है
समुंदर
के
सफ़र
में
तूफ़ान
को
हम
दोस्तो
ख़तरा
नहीं
कहते
बन
जाए
अगर
बात
तो
सब
कहते
हैं
क्या
क्या
और
बात
बिगड़
जाए
तो
क्या
क्या
नहीं
कहते
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Nawaz Deobandi
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ये
आँसू
ढूँडता
है
तेरा
दामन
मुसाफ़िर
अपनी
मंज़िल
जानता
है
Asad Bhopali
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ये
तेरे
हुस्न
की
तौहीन
ही
हुई
मैं
तेरे
इश्क़
में
पागल
नहीं
हुआ
Ankit Raj
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पलटकर
ज़ब
कभी
आओगी
मिलने
मैं
जैसा
हूँ
तुम्हें
वैसा
मिलूंगा
Ankit Raj
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साथ
मेरे
ठीक
वैसे
रहना
तुम
राम
जैसे
जानकी
के
पास
थे
Ankit Raj
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जबीं
से
होठ
तक
होते
हुए
फिर
तो
बदन
का
तेरे
रस्ता
ढूंढ
लेंगे
हम
Ankit Raj
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कहता
है
अब
मुझे
कि
शिकायत
नहीं
रही
यानी
के
यार
तुमको
मुहब्बत
नहीं
रही
ये
ज़ख़्म
उम्र
भर
में
भरे
तो
नहीं
मगर
अब
ज़िंदगी
से
कोई
शिकायत
नहीं
रही
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Ankit Raj
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