hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
mahal jo banaya gaya KHvaab se
mahal jo banaya gaya KHvaab se | महल जो बनाया गया ख़्वाब से
- Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
महल
जो
बनाया
गया
ख़्वाब
से
उसे
तोड़ने
का
उसे
ख़्वाब
था
- Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
Download Sher Image
गुज़र
रहा
हूँ
किसी
ख़्वाब
के
इलाक़े
से
ज़मीं
समेटे
हुए
आसमाँ
उठाए
हुए
Aziz Nabeel
Send
Download Image
27 Likes
ये
तेरे
ख़त
ये
तेरी
ख़ुशबू
ये
तेरे
ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ
हैं
तेरे
कौल
और
क़सम
की
तरह
गुज़िश्ता
साल
मैंने
इन्हें
गिनकर
रक्खा
था
किसी
ग़रीब
की
जोड़ी
हुई
रक़म
की
तरह
Read Full
Jaun Elia
Send
Download Image
75 Likes
तूने
देखी
है
वो
पेशानी
वो
रुख़्सार
वो
होंठ
ज़िंदगी
जिनके
तसव्वुर
में
लुटा
दी
हमने
तुझपे
उठी
हैं
वो
खोई
हुई
साहिर
आँखें
तुझको
मालूम
है
क्यूँ
उम्र
गंवा
दी
हमने
Read Full
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
58 Likes
ऐसा
है
कि
सब
ख़्वाब
मुसलसल
नहीं
होते
जो
आज
तो
होते
हैं
मगर
कल
नहीं
होते
Ahmad Faraz
Send
Download Image
40 Likes
जब
भी
कश्ती
मिरी
सैलाब
में
आ
जाती
है
माँ
दु'आ
करती
हुई
ख़्वाब
में
आ
जाती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
43 Likes
हमको
हमारी
नींद
भी
वापस
नहीं
मिली
लोगों
को
उनके
ख़्वाब
जगा
कर
दिए
गए
Imran Aami
Send
Download Image
61 Likes
न
सिर्फ़
ये
कि
जहन्नुम
ख़िताब
में
भी
नहीं
अली
के
मानने
वालों
के
ख़्वाब
में
भी
नहीं
Muzdum Khan
Send
Download Image
27 Likes
ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
Send
Download Image
24 Likes
ये
ज़रूरी
है
कि
आँखों
का
भरम
क़ाएम
रहे
नींद
रक्खो
या
न
रक्खो
ख़्वाब
मेयारी
रखो
Rahat Indori
Send
Download Image
46 Likes
'असद'
ये
शर्त
नहीं
है
कोई
मुहब्बत
में
कि
जिस
सेे
प्यार
करो
उसकी
आरज़ू
भी
करो
Subhan Asad
Send
Download Image
30 Likes
Read More
हुकूमत
को
गिराना
था
यही
उसका
निशाना
था
उसे
परवाह
हो
कैसे
उसे
तो
घर
बनाना
था
न
थे
पैसे
मगर
फिर
भी
जो
भी
था
वो
खज़ाना
था
उसे
तो
छोड़
जाना
था
मोहब्बत
भी
बहाना
था
वो
जो
गुज़रा
बरस
दो
इक
वो
भी
कितना
सुहाना
था
न
था
कुछ
वक़्त
ही
था
बस
वो
भी
क्या
इक
ज़माना
था
मोहब्बत
था
मोहब्बत
है
उसे
तो
बस
निभाना
था
गया
जो
मर
वो
इक
लड़का
वो
लड़का
इक
दिवाना
था
कहो
जो
भी
मगर
यारों
वो
तो
बेहद
सियाना
था
Read Full
Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
Download Image
2 Likes
मोहब्बत
में
ही
होता
शिर्क
अगर
जाइज़
तो
फिर
सज्दे
में
यह
सारा
जहाँ
होता
Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
Send
Download Image
1 Like
सभी
का
इश्क़
अच्छा
है
मिरा
तो
इश्क़
सच्चा
है
Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
Send
Download Image
1 Like
ज़रा
से
हुस्न
पर
ही
वो
अकड़
ऐसे
रही
है
कि
जैसे
हम
किसी
और
को
कभी
देखे
नहीं
हैं
Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
Send
Download Image
3 Likes
उसके
लिए
कानों
का
झुमका
लाया
था
मैं
शहरस
लेकिन
उसे
देने
कि
भी
हिम्मत
नहीं
होती
मुझे
Mohammad Maashir Raza 'Qabeeh'
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bekhabri Shayari
Musafir Shayari
Kiss Shayari
Khushboo Shayari
Radha Krishna Shayari