hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prit
guzre baras main ne use chooma tha pahli baar
guzre baras main ne use chooma tha pahli baar | गुज़रे बरस मैं ने उसे चूमा था पहली बार
- Prit
गुज़रे
बरस
मैं
ने
उसे
चूमा
था
पहली
बार
इस
बार
भी
मुझे
तो
वही
साल
लौटा
दो
- Prit
Download Sher Image
हम
हैं
दरवेश
घर
से
क्या
हमको
हर
कहीं
पर
मिला
ख़ुदा
हमको
दश्त
हो
सहरा
हो
समुंदर
हो
हर
तरफ़
बस
वही
दिखा
हमको
सूफ़ियाना
मिज़ाज
है
अपना
राम
अल्लाह
सब
एक
सा
हमको
हुस्न-ए-यूसुफ़
सियाह
रंग
का
था
सूरत-ए-कृष्ण
में
दिखा
हमको
या
तो
दिल
में
सँभाल
के
रख
प्रीत
या
तेरे
नैनों
से
बहा
हमको
Read Full
Prit
Download Image
0 Likes
पैसा
कोठे
की
तवायफ़
जैसा
है
ये
आज
तेरा
है
तो
कल
मेरा
है
Prit
Send
Download Image
3 Likes
आज
करता
हूँ
बात
फूलों
की
बात
में
है
सिफ़ात
फूलों
की
उसके
चेहरे
पे
रंग
फूलों
का
उसके
होंठों
पे
बात
फूलों
की
पैरहन
उसका
साफ़
पानी
है
उसका
पर्दा
क़नात
फूलों
की
जब
कभी
उसका
ज़िक्र
हो
आया
छेड़
दी
हमने
बात
फूलों
की
मेरी
आँखों
में
ख़्वाब
फूलों
का
उसके
बिस्तर
पे
रात
फूलों
की
किसने
जाना
है
दर्द
फूलों
का
कौन
समझा
है
बात
फूलों
की
उन
पे
लिखनी
थी
इक
ग़ज़ल
हमको
हमने
लिख
दी
सिफ़ात
फूलों
की
कभी
ब्याही
थी
बेटियाँ
हमने
कभी
की
थी
ज़कात
फूलों
की
Read Full
Prit
Download Image
0 Likes
अहद-ओ-पैमाँ
निभाता
पागल
था
आदमी
पहले
कितना
पागल
था
एक
झूठे
ने
ख़ुद-कुशी
कर
ली
कह
न
पाया
ज़माना
पागल
था
सारी
ही
दुनिया
ने
हवस
को
चुना
एक
मैं
ही
अकेला
पागल
था
यहाँ
सब
जौन
के
दिवाने
हैं
जौन
भी
अच्छा
ख़ासा
पागल
था
प्यार
में
तेरे
क्या
ख़बर
तुझको
इक
समझदार
कितना
पागल
था
जहाँ
नफ़रत
के
चरखे
चलते
वहाँ
प्रीत
बुनकर
तू
बनता
पागल
था
Read Full
Prit
Download Image
2 Likes
जैसे
सरताज
मैं
भी
वैसी
हूँ
प्रीत
तो
वो
हैं
मैं
तो
प्रीती
हूँ
दिल
को
सरताज
कर
लिया
मैंने
आप
को
हार
उनको
जीती
हूँ
और
कोई
भी
रंग
जँचता
नहीं
जब
से
सरताज
रंग
रंगी
हूँ
नज़्म
सरताज
ने
सिखाई
और
शाह
बुल्ले
से
इश्क़
सीखी
हूँ
Read Full
Prit
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
DP Shayari
Deshbhakti Shayari
Delhi Shayari
Wafa Shayari
Protest Shayari