ahad-o-paimaan nibhaata paagal tha | अहद-ओ-पैमाँ निभाता पागल था

  - Prit
अहद-ओ-पैमाँनिभातापागलथा
आदमीपहलेकितनापागलथा
एकझूठेनेख़ुद-कुशीकरली
कहपायाज़मानापागलथा
सारीहीदुनियानेहवसकोचुना
एकमैंहीअकेलापागलथा
यहाँसबजौनकेदिवानेहैं
जौनभीअच्छाख़ासापागलथा
प्यारमेंतेरेक्याख़बरतुझको
इकसमझदारकितनापागलथा
जहाँनफ़रतकेचरखेचलतेवहाँ
प्रीतबुनकरतूबनतापागलथा
  - Prit
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