ehsaas ko alfaaz men likhna ghazal hai | एहसास को अल्फ़ाज़ में लिखना ग़ज़ल है

  - Prit
एहसासकोअल्फ़ाज़मेंलिखनाग़ज़लहै
दर्दोंकीसबसेेआख़िरीसीमाग़ज़लहै
वोसीखबचपनकीनहींभूलीजासकती
घुटनोंपेचलनाऔरगिरपड़नाग़ज़लहै
मंदिरकीमूरतहोयामस्जिदमेंअज़ाँहो
ईसाकादरहोयाहोमयखानाग़ज़लहै
महबूबकीता'रीफ़होमाँकीमुहब्बत
भाईबहनकारोज़हीलड़नाग़ज़लहै
काग़ज़पेअपनेदर्दलिखनागीतलिखना
वे'प्रीत'तेरारोनामुस्कानाग़ज़लहै
  - Prit
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