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Prit
be-vafa shaKHs ko bawafa maana tha
be-vafa shaKHs ko bawafa maana tha | बे-वफ़ा शख़्स को बावफ़ा माना था
- Prit
बे-वफ़ा
शख़्स
को
बावफ़ा
माना
था
मैंने
पत्थर
को
अपना
ख़ुदा
माना
था
- Prit
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तुम
अपने
बारे
में
कुछ
देर
सोचना
छोड़ो
तो
मैं
बताऊँ
कि
तुम
किस
क़दर
अकेले
हो
Waseem Barelvi
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इस
से
पहले
कि
ज़मीं-ज़ाद
शरारत
कर
जाएँ
हम
सितारों
ने
ये
सोचा
है
कि
हिजरत
कर
जाएँ
दौलत-ए-ख़्वाब
हमारे
जो
किसी
काम
न
आई
अब
किसी
को
नहीं
मिलने
की
वसिय्यत
कर
जाएँ
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Idris Babar
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ख़्वाबों
को
आँखों
से
मिन्हा
करती
है
नींद
हमेशा
मुझ
सेे
धोखा
करती
है
उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वग़ैरा
करती
है
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Tehzeeb Hafi
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वो
बे-वफ़ा
है
तो
क्या
मत
कहो
बुरा
उसको
कि
जो
हुआ
सो
हुआ
ख़ुश
रखे
ख़ुदा
उसको
Naseer Turabi
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दूरी
हुई
तो
उन
सेे
क़रीब
और
हम
हुए
ये
कैसे
फ़ासले
थे
जो
बढ़ने
से
कम
हुए
Waseem Barelvi
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तुम
पूछो
और
मैं
न
बताऊँ
ऐसे
तो
हालात
नहीं
एक
ज़रा
सा
दिल
टूटा
है
और
तो
कोई
बात
नहीं
Qateel Shifai
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एक
अरसे
तक
अकेले
हम
चले
फिर
हमारा
नाम
चलने
लग
गया
Tanoj Dadhich
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या'नी
कि
इश्क़
अपना
मुकम्मल
नहीं
हुआ
गर
मैं
तुम्हारे
हिज्र
में
पागल
नहीं
हुआ
वो
शख़्स
सालों
बाद
भी
कितना
हसीन
है
वो
रंग
कैनवस
पे
कभी
डल
नहीं
हुआ
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Kushal Dauneria
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मैं
अपनी
हिजरत
का
हाल
लगभग
बता
चुका
था
सभी
को
और
बस
तिरे
मोहल्ले
के
सारे
लड़के
हवा
बनाने
में
लग
गए
थे
Vikram Gaur Vairagi
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सर
झुकाओगे
तो
पत्थर
देवता
हो
जाएगा
इतना
मत
चाहो
उसे
वो
बे-वफ़ा
हो
जाएगा
Bashir Badr
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इश्क़
उस
वक़्त
बाज़ी
जीत
गया
हार
का
हार
पहना
जब
दिल
ने
Prit
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गिनती
के
चार
दिन
हयात
के
हैं
बाक़ी
जितने
बचे
वफ़ात
के
हैं
आपकी
माने
भी
तो
हम
क्यूँँकर
आप
साहिब
कब
अपनी
बात
के
हैं
नाम
मेरा
लिखा
हुआ
है
पर
रंग
मेहँदी
में
और
हाथ
के
हैं
ये
जो
बिस्तर
पे
लाश
हो
रखे
हैं
ये
सभी
गुल
सुहागरात
के
हैं
वो
भले
हैं
तो
होंगे
मुझको
क्या
ये
बुरे
हैं
प
मेरी
ज़ात
के
हैं
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Prit
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उसके
दिल
से
निकालने
पर
क्या
शिकवा
करना
मुझको
बचपन
से
बाहर
रहने
की
आदत
है
Prit
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जब
मैं
अकेला
रहता
था
तो
नहीं
लगता
था
सब
के
साथ
रहा
तो
ऐसा
लगा
तन्हा
हूँ
Prit
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ज़ेर-ए-साया-ए–ज़ुल्फ,
सोचा
नहीं
तेरी
फुर्कत
भी
सहनी
पड़ेगी
हमें
Prit
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