preet ye muhabbat jab behisaab hoti hai | "प्रीत" ये मुहब्बत जब बे-हिसाब होती है

  - Prit
"प्रीत"येमुहब्बतजबबे-हिसाबहोतीहै
लबगुलाब,क़ातिलआँखेंशराबहोतीहैं
तुमवहाँकभीजोबीमारहोतेहो,जानाँ
हालतेंयहाँमेरीभीख़राबहोतीहैं
प्यारकेबिनासजदोंमेंअसरनहींआता
सारीकोशिशेंहीनाकामयाबहोतीहैं
प्यारगरबड़ीशिद्दतसेनिभायाजाएतो
बादउसकेनफ़रतभीलाज़वाबहोतीहै
  - Prit
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