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Prince Sodhi
na koi mere saath to gham nahin hai
na koi mere saath to gham nahin hai | न कोई मेरे साथ तो ग़म नहीं है
- Prince Sodhi
न
कोई
मेरे
साथ
तो
ग़म
नहीं
है
मेरे
वास्ते
तुम
हज़ारों
के
जैसी
- Prince Sodhi
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पैसा
कमाने
आते
हैं
सब
राजनीति
में
आता
नहीं
है
कोई
भी
खोने
के
वास्ते
छम्मो
का
मुजरा
सुनते
हैं
नेता
जो
रात
भर
संसद
भवन
में
आते
हैं
सोने
के
वास्ते
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Paplu Lucknawi
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हम
मुहब्बत
में
किसी
के
वास्ते
जी
नहीं
सकते
तो
मर
तो
सकते
हैं
Sunny Seher
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कोई
दुनिया
से
कटता
जा
रहा
है
किसी
के
घर
पे
रिश्ते
आ
रहे
हैं
Aarush Sarkaar
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ज़िंदगी
तुझ
से
भी
क्या
ख़ूब
त'अल्लुक़
है
मिरा
जैसे
सूखे
हुए
पत्ते
से
हवा
का
रिश्ता
Khalish Akbarabadi
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सभी
रिश्तें
मैं
यूँँ
बचाए
हूँ
जैसे
तड़पते
दियों
को
हवा
देते
रहना
Parul Singh "Noor"
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कैसे
कहें
कि
तुझ
को
भी
हम
से
है
वास्ता
कोई
तू
ने
तो
हम
से
आज
तक
कोई
गिला
नहीं
किया
Jaun Elia
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कितनी
मुश्किल
के
बाद
टूटा
है
एक
रिश्ता
कभी
जो
था
ही
नहीं
Shahbaz Rizvi
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घर
में
झीने
रिश्ते
मैंने
लाखों
बार
उधड़ते
देखे
चुपके
चुपके
कर
देती
है
जाने
कब
तुरपाई
अम्मा
Aalok Shrivastav
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तुम्हारा
तो
ख़ुदास
राबता
है
तो
देखो
ना,
हमारे
दुख
बता
कर
Siddharth Saaz
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तो
क्या
ये
हो
नहीं
सकता
कि
तुझ
से
दूर
हो
जाऊँँ
मैं
तुझ
को
भूलने
के
वासते
मजबूर
हो
जाऊँ
सुना
है
टूटने
पर
दिल
सभी
कुछ
कर
गुजरते
हैं
मुझे
भी
तोड़
दो
इतना
कि
मैं
मशहूर
हो
जाऊँ
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SHIV SAFAR
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ये
किताबें
हैं
जो
मुझे
संभाल
के
रखती
हैं
वरना
ऐसी
तन्हाई
है
कि
जिया
न
जाए
Prince Sodhi
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उसके
हाथों
में
मोबाइल
नहीं
क़िताबें
रहती
हैं
मैंने
देखा
है
उसको
बिल्कुल
मेरे
ही
जैसी
हैं
Prince Sodhi
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इबादत
हो
मेरी
तुम
जानाँ
दिल
से
प्यार
तुम
से
है
मैं
जीता
हूँ
तुम्हीं
में
और
मेरा
संसार
तुम
से
है
अगरचे
ज़िक्र
तेरा
ही
न
हो
पूरी
नहीं
होती
मेरी
ग़ज़लों
मेरी
नज़्मो
का
सब
श्रिंगार
तुम
से
है
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Prince Sodhi
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फ़क़त
दो-चार
दिन
ज़्यादा
हों
त्योहारों
के
मेरे
रब
बहाने
से
मुझे
होता
है
पापास
गले
मिलना
Prince Sodhi
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काम
पे
जाते
वक़्त
पिताजी
को
सर्दी
क्यूँँ
नईं
लगती
थी
अब
ये
बात
समझ
में
आई
जब
ख़ुद
पर
ज़िम्मेदारी
है
Prince Sodhi
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