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Prince Sodhi
ibadat ho meri tum jaanaan dil se pyaar tum se hai
ibadat ho meri tum jaanaan dil se pyaar tum se hai | इबादत हो मेरी तुम जानाँ दिल से प्यार तुम से है
- Prince Sodhi
इबादत
हो
मेरी
तुम
जानाँ
दिल
से
प्यार
तुम
से
है
मैं
जीता
हूँ
तुम्हीं
में
और
मेरा
संसार
तुम
से
है
अगरचे
ज़िक्र
तेरा
ही
न
हो
पूरी
नहीं
होती
मेरी
ग़ज़लों
मेरी
नज़्मो
का
सब
श्रिंगार
तुम
से
है
- Prince Sodhi
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इसी
फ़कीर
की
गफ़लत
से
आगही
ली
है
मेरे
चराग़
से
सूरज
ने
रौशनी
ली
है
गली-गली
में
भटकता
है
शोर
करता
हुआ
हमारे
इश्क़
ने
सस्ती
शराब
पी
ली
है
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Ammar Iqbal
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हर
मुलाक़ात
पे
सीने
से
लगाने
वाले
कितने
प्यारे
हैं
मुझे
छोड़
के
जाने
वाले
ज़िंदगी
भर
की
मोहब्बत
का
सिला
ले
डूबे
कैसे
नादाँ
थे
तिरे
जान
से
जाने
वाले
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Vipul Kumar
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माना
के
मोहब्बत
का
छुपाना
है
मोहब्बत
चुपके
से
किसी
रोज़
जताने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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इश्क़
का
था
खेल
केवल
दौड़
का
बन
के
बल्लेबाज़
शामिल
हो
गया
Divy Kamaldhwaj
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मैं
क़िस्सा
मुख़्तसर
कर
के,
ज़रा
नीची
नज़र
कर
के
ये
कहता
हूँ
अभी
तुम
से,
मोहब्बत
हो
गई
तुम
से
Zubair Ali Tabish
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मेरा
किरदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
ये
समझदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
इश्क़
है
वादा-फ़रामोश
नहीं
है
कोई
दिल
तलबगार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
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Vishal Singh Tabish
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हमारे
बाद
तेरे
इश्क़
में
नए
लड़के
बदन
तो
चू
मेंगे
ज़ुल्फ़ें
नहीं
सँवारेंगे
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Vikram Gaur Vairagi
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इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
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सँभलने
के
लिए
कर
ली
मुहब्बत
मगर
इस
में
फिसलना
चाहिए
था
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Divy Kamaldhwaj
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दूजा
इश्क़
किया
तो
ये
मालूम
हुआ
पहले
वाले
में
भी
ग़लती
मेरी
थी
Tanoj Dadhich
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एक
पल
में
अनगिनत
चेहरे
बुझाकर
रख
दिए
जाने
वाला
साथ
अपने
सबकी
ख़ुशियाँ
ले
गया
Prince Sodhi
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काम
पे
जाते
वक़्त
पिताजी
को
सर्दी
क्यूँँ
नईं
लगती
थी
अब
ये
बात
समझ
में
आई
जब
ख़ुद
पर
ज़िम्मेदारी
है
Prince Sodhi
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न
कोई
मेरे
साथ
तो
ग़म
नहीं
है
मेरे
वास्ते
तुम
हज़ारों
के
जैसी
Prince Sodhi
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ये
किताबें
हैं
जो
मुझे
संभाल
के
रखती
हैं
वरना
ऐसी
तन्हाई
है
कि
जिया
न
जाए
Prince Sodhi
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उसके
हाथों
में
मोबाइल
नहीं
क़िताबें
रहती
हैं
मैंने
देखा
है
उसको
बिल्कुल
मेरे
ही
जैसी
हैं
Prince Sodhi
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