hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prashant Rao chourase
hamaare kaam ki duniya nahin hai
hamaare kaam ki duniya nahin hai | हमारे काम की दुनिया नहीं है
- Prashant Rao chourase
हमारे
काम
की
दुनिया
नहीं
है
अगर
है
भी
तो
कह
देना
नहीं
है
सुनाता
शे'र
मैं
भी
अच्छे
अच्छे
मगर
महफ़िल
में
वो
चेहरा
नहीं
है
मैं
उसकी
बात
में
फिर
से
आ
जाऊँ
अब
उसके
पास
वो
लहजा
नहीं
है
मुहब्बत
करना
लेकिन
याद
रखना
तुम्हें
बर्बाद
भी
होना
नहीं
है
मुझे
आदत
नहीं
है
चीखने
की
तुम्हें
भी
बोलना
आता
नहीं
है
समझ
लों
तो
समझ
लेना
ख़मोशी
मुझे
वैसे
तो
कुछ
कहना
नहीं
है
ग़ज़ल
का
एक
मिसरा
है
समझना
वो
इक
मिसरा
फ़क़त
मिसरा
नहीं
है
- Prashant Rao chourase
Download Ghazal Image
दर्द
की
बात
किसी
हँसती
हुई
महफ़िल
में
जैसे
कह
दे
किसी
तुर्बत
पे
लतीफ़ा
कोई
Ahmad Rahi
Send
Download Image
21 Likes
ज़ेहन
से
यादों
के
लश्कर
जा
चुके
वो
मेरी
महफ़िल
से
उठ
कर
जा
चुके
मेरा
दिल
भी
जैसे
पाकिस्तान
है
सब
हुकूमत
करके
बाहर
जा
चुके
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
204 Likes
मोहब्बत
करने
वाले
कम
न
होंगे
तिरी
महफ़िल
में
लेकिन
हम
न
होंगे
Hafeez Hoshiarpuri
Send
Download Image
31 Likes
फिर
नज़र
में
फूल
महके
दिल
में
फिर
शमएँ
जलीं
फिर
तसव्वुर
ने
लिया
उस
बज़्म
में
जाने
का
नाम
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
33 Likes
मुझे
अँधेरे
से
बात
करनी
है
सो
करा
दो,
दिया
बुझा
दो
कुछ
एक
लम्हों
को
रौशनी
का
गला
दबा
दो,
दिया
बुझा
दो
रिवाज़-ए-महफ़िल
निभा
रहा
हूँ
बता
रहा
हूँ
मैं
जा
रहा
हूँ
मुझे
विदा
दो,
जो
रोना
चाहे
उन्हें
बुला
दो,
दिया
बुझा
दो
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
51 Likes
मैं
तुझे
बज़्म
में
लाऊँगा
मेरी
जान
मगर
लोग
जब
दूसरे
चेहरों
पे
फ़िदा
हो
जाएँ
Ashu Mishra
Send
Download Image
50 Likes
तिरे
बग़ैर
अजब
बज़्म-ए-दिल
का
आलम
है
चराग़
सैंकड़ों
जलते
हैं
रौशनी
कम
है
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
20 Likes
चराग़
घर
का
हो
महफ़िल
का
हो
कि
मंदिर
का
हवा
के
पास
कोई
मसलहत
नहीं
होती
Waseem Barelvi
Send
Download Image
38 Likes
गले
मिली
कभी
उर्दू
जहाँ
पे
हिन्दी
से
मिरे
मिज़ाज
में
उस
अंजुमन
की
ख़ुशबू
है
Satish Shukla Raqeeb
Send
Download Image
27 Likes
पत्थर
के
इस
जहाँ
में
थी
रोने
लगी
सभा
जब
आदमी
ने
आदमी
को
आदमी
कहा
SHIV SAFAR
Send
Download Image
1 Like
Read More
मुहब्बत
रास
आ
जाए
हमें
ये
सोचकर
हम
ने
जिसे
भी
चाहा
है
पहली
मुहब्बत
की
तरह
चाहा
Prashant Rao chourase
Send
Download Image
27 Likes
उड़ाता
वो
धुएँ
को
ख़ुद
ही
बादल
हो
गया
''आशिक़
दु'आ
करता
रहा
फिर
सच
में
पागल
हो
गया
''आशिक़
वफ़ा
कर
के
मुहब्बत
में
मिला
ही
क्या
बताऊँ
मैं
उसी
का
ज़िक्र
फिर
से
और
घाइल
हो
गया
'आशिक़
Read Full
Prashant Rao chourase
Send
Download Image
2 Likes
बस
अपनी
रूह
को
आराम
देने
के
लिए
हम
ने
न
जाने
कितने
दर
छोड़े
हैं
कितने
जिस्म
छाने
हैं
Prashant Rao chourase
Send
Download Image
1 Like
हम
उदास
लड़कों
को
भा
रही
है
तन्हाई
आज
कल
किसी
से
भी
राब्ता
नहीं
दिखता
Prashant Rao chourase
Send
Download Image
1 Like
हवस
ने
ज़िंदा
रक्खा
है
रक़ीबों
को
जो
होता
प्यार
कब
के
मर
गए
होते
Prashant Rao chourase
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aitbaar Shayari
Terrorism Shayari
Azal Shayari
Peace Shayari
Breakup Shayari