hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prashant Sitapuri
kat jaata phir KHushi se udaasi ka ye safar
kat jaata phir KHushi se udaasi ka ye safar | कट जाता फिर ख़ुशी से उदासी का ये सफ़र
- Prashant Sitapuri
कट
जाता
फिर
ख़ुशी
से
उदासी
का
ये
सफ़र
होते
अगर
हयात
में
तुम
जैसे
दोस्त
और
- Prashant Sitapuri
Download Sher Image
प्यार
करने
की
हिम्मत
नहीं
उनके
पास
और
हम
सेे
किनारा
भी
होता
नहीं
बात
सीधे
कही
भी
नहीं
जा
रही
और
कोई
इशारा
भी
होता
नहीं
उसको
उम्मीद
है
ऐश
होगी
बसर
साथ
में
जब
रहेगी
मिरे
वो
मगर
मुझपे
जितनी
मुहब्बत
बची
है
सखी
इतने
में
तो
गुज़ारा
भी
होता
नहीं
Read Full
Divyansh "Dard" Akbarabadi
Send
Download Image
14 Likes
दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
34 Likes
बंद
कमरा,
सर
पे
पंखा,
तीरगी
है
और
मैं
एक
लड़ाई
चल
रही
है
ज़िंदगी
है
औऱ
मैं
Shadab Asghar
Send
Download Image
11 Likes
'अंजुम'
तुम्हारा
शहर
जिधर
है
उसी
तरफ़
इक
रेल
जा
रही
थी
कि
तुम
याद
आ
गए
Anjum Rehbar
Send
Download Image
25 Likes
आज
भी
शायद
कोई
फूलों
का
तोहफ़ा
भेज
दे
तितलियाँ
मंडला
रही
हैं
काँच
के
गुल-दान
पर
Shakeb Jalali
Send
Download Image
21 Likes
मंज़िल
पे
न
पहुँचे
उसे
रस्ता
नहीं
कहते
दो
चार
क़दम
चलने
को
चलना
नहीं
कहते
इक
हम
हैं
कि
ग़ैरों
को
भी
कह
देते
हैं
अपना
इक
तुम
हो
कि
अपनों
को
भी
अपना
नहीं
कहते
कम-हिम्मती
ख़तरा
है
समुंदर
के
सफ़र
में
तूफ़ान
को
हम
दोस्तो
ख़तरा
नहीं
कहते
बन
जाए
अगर
बात
तो
सब
कहते
हैं
क्या
क्या
और
बात
बिगड़
जाए
तो
क्या
क्या
नहीं
कहते
Read Full
Nawaz Deobandi
Download Image
33 Likes
तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
Send
Download Image
52 Likes
मुझे
एक
लाश
कहकर
न
बहाओ
पानियों
में
मेरा
हाथ
छू
के
देखो
मेरी
नब्ज़
चल
रही
है
Azm Shakri
Send
Download Image
38 Likes
मेरा
बटुआ
नहीं
होता
है
ख़ाली
तेरी
तस्वीर
की
बरकत
रही
माँ
Satya Prakash Soni
Send
Download Image
29 Likes
अभी
से
पाँव
के
छाले
न
देखो
अभी
यारो
सफ़र
की
इब्तिदा
है
Ejaz Rahmani
Send
Download Image
17 Likes
Read More
किसी
दिन
आपको
मिल
जाएगी
कमरे
से
मेरी
लाश
ख़बर
में
ये
भी
आएगा
कि
लड़का
आशिक़ी
में
था
Prashant Sitapuri
Send
Download Image
1 Like
मिला
है
जो
भी
उस
सेे
और
अच्छा
मिल
गया
होता
मुझे
उस
वक़्त
गर
तेरा
वसीला
मिल
गया
होता
यही
ग़लती
रही
झगड़े
का
कोई
हल
नहीं
ढूंढा
अगर
हम
ढूंढते
तो
कोई
रस्ता
मिल
गया
होता
Read Full
Prashant Sitapuri
Send
Download Image
1 Like
वो
कक्षा
दस
की
यादें
वो
हिंदी
का
पहला
पेपर
वो
लंबी
पटरी
वाली
लड़की
याद
बहुत
आती
है
Prashant Sitapuri
Send
Download Image
3 Likes
मुझ
सेे
मिली
तो
सारा
गुमाँ
ख़ाक
हो
गया
जलते
रहे
चराग़
हवा
कुछ
न
कर
सकी
Prashant Sitapuri
Send
Download Image
1 Like
ग़मज़दा
इस
ज़िन्दगी
को
देखते
हैं
और
फिर
अपनी
घड़ी
को
देखते
हैं
ये
सुकूँ
मानो
कि
मर
के
चैन
से
हम
जी
रहे
हर
आदमी
को
देखते
हैं
आप
क्या
क्या
देखते
हैं
आप
जानें
हम
मगर
सादा-दिली
को
देखते
हैं
कुछ
कहूँ
हाँ
यार
अच्छा
ये
बताना
कब
से
मुझ
में
रफ़्तगी
को
देखते
हैं?
आप
भी
सबकी
तरह
हैं
'ऐब-बीनी
आप
भी
मेरी
कमी
को
देखते
हैं
प्यार
क्या
है?,
आप
बस
इतना
समझिये
राम
अपनी
जानकी
को
देखते
हैं
Read Full
Prashant Sitapuri
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Khyaal Shayari
Dillagi Shayari
Teer Shayari
Bewafa Shayari
Beqarari Shayari