करेतूग़ैरसेगरबाततोमैंसहनहींपाता
मगरअपनेभीदिलकीबाततुझसेकहनहींपाता
तिरीतस्वीरसेज़ाहिरमोहब्बतरोज़करताहूँ
नजानेक्यूँँतिरेहीसामनेमैंकहनहींपाता
अगरतूदूरहोजाएकभीमेरीनज़रसेतो
दिल-ए-नादानमेराएकपलभीरहनहींपाता
तिरेहरझूठकोभीमैंहक़ीक़तमानलेताहूँ
किसीभीबातकेतेरेमैंतह-दर-तहनहींजाता
गुज़रतीसामनेसेजबतोयेहीसोचताहूँमैं
यहीहैवोग़ज़लजोमैंमुकम्मलकहनहींपाता