deep jalte hue ham bujhaate nahin | दीप जलते हुए हम बुझाते नहीं

  - Avijit Aman
दीपजलतेहुएहमबुझातेनहीं
मुस्कुरातेहुएकोरुलातेनहीं
हमकोमालूमहैदिलयेनादानहै
इसलिएदिलकिसीकादुखातेनहीं
हैमुहब्बतउन्हेंभीपताहैहमें
इश्क़कितनाहैपरवोबतातेनहीं
ध्यानरखतेहैंवोहरमिरीबातका
प्यारकरतेतोहैंपरजतातेनहीं
जानेंक्यूँँलोगरिश्तेबनातेहैंफिर
जबउन्हेंवोकभीभीनिभातेनहीं
दौड़करआतेथेजोफ़क़तफ़ोनपर
अबबुलानेपेभीयारआतेनहीं
बातजोकरतेहैंसाफ़हीकरतेहैं
बातकोहमकभीभीघुमातेनहीं
दोस्तमानाहैगरमुझकोतुमनेकभी
दोस्तसेबातफिरकुछछुपातेनहीं
सबकोहमसेेफ़क़तइकशिकायतयही
जानेक्यूँँयारतुममुस्कुरातेनहीं
बातदिलकीकिसीसेनहींकहतेहैं
घावदिलकेसभीकोदिखातेनहीं
शानसेचलतेहैंसरउठाके'अमन'
हरकिसीदरपेसरहमझुकातेनहीं
  - Avijit Aman
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