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Pankaj murenvi
tiri nigaahon men ab vaar nahin hai vo
tiri nigaahon men ab vaar nahin hai vo | तिरी निगाहों में अब वार नहीं है वो
- Pankaj murenvi
तिरी
निगाहों
में
अब
वार
नहीं
है
वो
हम
सेे
लगता
है
अब
प्यार
नहीं
है
वो
है
जिसके
साथ
बैठना
भी
उठना
भी
दोस्त
है
केवल
तेरा
यार
नहीं
है
वो
- Pankaj murenvi
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चारा-गर
तो
तभी
बचा
पाएँगे
ना
चारा-गर
की
जान
बचाओ
पहले
तो
Siddharth Saaz
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हुस्न
सब
को
ख़ुदा
नहीं
देता
हर
किसी
की
नज़र
नहीं
होती
Ibn E Insha
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ये
दाग़
दाग़
उजाला
ये
शब-गज़ीदा
सहर
वो
इंतिज़ार
था
जिस
का
ये
वो
सहर
तो
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
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है
अब
भी
बिस्तर-ए-जाँ
पर
तिरे
बदन
की
शिकन
मैं
ख़ुद
ही
मिटने
लगा
हूँ
उसे
मिटाते
हुए
Azhar Iqbal
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रहने
को
सदा
दहर
में
आता
नहीं
कोई
तुम
जैसे
गए
ऐसे
भी
जाता
नहीं
कोई
Kaifi Azmi
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दिल
से
साबित
करो
कि
ज़िंदा
हो
साँस
लेना
कोई
सुबूत
नहीं
Fahmi Badayuni
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इश्क़
हुआ
है
क्या
तुझ
को
भी
तेरा
जो
होगा
सो
होगा
shaan manral
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रखे
है
लज़्ज़त-ए-बोसा
से
मुझ
को
गर
महरूम
तो
अपने
तू
भी
न
होंटों
तलक
ज़बाँ
पहुँचा
Jurat Qalandar Bakhsh
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मैं
सात
साल
से
अब
तक
हिसार-ए-इश्क़
में
हूँ
वो
शख़्स
आज
भी
मेरे
दिल-ओ-दिमाग़
में
है
Amaan Haider
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मैं
कहता
हूँ
"सुनो
लड़की!
मुझे
कुछ
तुम
से
कहना
था"
वो
ऐसे
पूछती
है
फिर
मैं
सब
कुछ
भूल
जाता
हूँ
Shadab Asghar
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लोग
थोड़ी
सी
ज़रूरत
के
लिए
वोट
देते
हैं
मुसीबत
के
लिए
पूछते
हम
क्यूँ
नहीं
सरकार
से
लोग
लड़ते
क्यूँ
हैं
बिदअत
के
लिए
कर
दिए
सरकार
ने
बर्बाद
जो
घर
बनाए
थे
सुकूनत
के
लिए
क्या
मिरे
मंदिर
तिरी
क्या
मस्जिदें
यार
हैं
तो
सब
इबादत
के
लिए
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Pankaj murenvi
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गोद
कई
लेने
हैं
ग़म
मुझको
उसके
यादों
में
दिन
नहीं
गुजरते
अब
मेरे
Pankaj murenvi
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जैसे
तैसे
गुज़र
बसर
कर
लूँगा
मैं
धीरे
धीरे
दिल
में
घर
कर
लूँगा
मैं
साथ
निभाना
तुम
सीते
सा
प्रिय
मेरा
प्रेम
में
ख़ुद
को
भी
रघुबर
कर
लूँगा
मैं
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Pankaj murenvi
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निगाह
से
यूँँ
फेंको
जाल
मुहब्बत
का
ख़ुदको
ही
तुम
मेरी
यार
तलब
करदो
Pankaj murenvi
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कभी
सिसकती
हैं
मेरी
आँखें
कभी
झपकती
हैं
मेरी
आँखें
तेरी
यादों
में
सावन
सी
दिन
रात
टपकती
हैं
मेरी
आँखें
बेलों
सी
मुरझी
इंतिज़ार
में
तिरे
लटकती
हैं
मेरी
आँखें
मिलने
को
तुम
सेे
पंकज
अब
तक
यार
भटकती
हैं
मेरी
आँखें
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Pankaj murenvi
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