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Pankaj murenvi
ishq jara sa ye jab se tujh men bo raha hooñ main
ishq jara sa ye jab se tujh men bo raha hooñ main | इश्क़ जरा सा ये जब से तुझ में बो रहा हूँ मैं
- Pankaj murenvi
इश्क़
जरा
सा
ये
जब
से
तुझ
में
बो
रहा
हूँ
मैं
कुछ
इक
दो
दिन
से
ख़ुदको
ख़ुदसे
खो
रहा
हूँ
मैं
- Pankaj murenvi
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इश्क़
का
था
खेल
केवल
दौड़
का
बन
के
बल्लेबाज़
शामिल
हो
गया
Divy Kamaldhwaj
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इक
और
इश्क़
की
नहीं
फुर्सत
मुझे
सनम
और
हो
भी
अब
अगर
तो
मेरा
मन
नहीं
बचा
Afzal Ali Afzal
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वो
जो
पहला
था
अपना
इश्क़
वही
आख़िरी
वारदात
थी
दिल
की
Pooja Bhatia
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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इसी
फ़कीर
की
गफ़लत
से
आगही
ली
है
मेरे
चराग़
से
सूरज
ने
रौशनी
ली
है
गली-गली
में
भटकता
है
शोर
करता
हुआ
हमारे
इश्क़
ने
सस्ती
शराब
पी
ली
है
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Ammar Iqbal
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दीवार
है
दुनिया
इसे
राहों
से
हटा
दे
हर
रस्म-ए-मोहब्बत
को
मिटाने
के
लिए
आ
Hasrat Jaipuri
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किसी
भी
शख़्स
के
झूठे
दिलासे
में
नहीं
आती
कहानी
हो
अगर
लंबी
तराशे
में
नहीं
आती
जहाँ
में
अब
कहाँ
कोई
जो
मजनूँ
की
तरह
चाहे
मोहब्बत
इसलिए
भी
अब
तमाशे
में
नहीं
आती
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Ansar Ethvi
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किसी
के
इश्क़
में
बर्बाद
होना
हमें
आया
नहीं
फ़रहाद
होना
Manish Shukla
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पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
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इश्क़
क़ैस
फ़रहाद
रोमियो
जैसे
ही
कर
सकते
हैं
हम
तो
ठहरे
दस
से
छह
तक
ऑफ़िस
जाने
वाले
लोग
Vashu Pandey
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हम
से
पहले
क्या
था
जमीन
पर
माँ
कहती
है
इंसान
रहा
करते
थे
Pankaj murenvi
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दिल
भी
यार
हुआ
करता
था
फूल
कभी
ये
इस
से
भी
महका
करती
थी
ख़ुश्बू
तेरी
Pankaj murenvi
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बस
मेरे
यार
ख़्वाब
में
आ
जाए
वो
लड़की
मिलने
चाहे
हिजाब
में
आ
जाए
वो
लड़की
लिखता
हूँ
ख़त
ज़ेहन
में
आता
है
चेहरा
उसका
लिख
दूँ
मैं
गर
किताब
में
आ
जाए
वो
लड़की
यार
लगेंगे
जलने
मुझ
सेे
गुलाब
सी
दिखती
मुफ़लिस
के
गर
हिसाब
में
आ
जाए
वो
लड़की
कर
दूँगा
विद्रोह
मुहब्बत
के
हक
में
मैं
भी
पंकज
गर
इंक़लाब
में
आ
जाए
वो
लड़की
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Pankaj murenvi
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मैं
भी
रहता
हूँ
अब
मुझ
से
खोया
हुआ
सा
इक
तूही
नइँ
है
जो
मुझ
सेे
जुदा
हुआ
था
Pankaj murenvi
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नज़र
में
है
मुहब्बत
बस
हमारे
तो
मुहब्बत
भर
के
ही
देखा
करेंगे
हम
Pankaj murenvi
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