वो महफ़ूज़ पनाहें घर-में नइँ देखीं

  - Milan Gautam
वोमहफ़ूज़पनाहेंघर-मेंनइँदेखीं
इकमुद्दतसेतेरीबाँहेंनइँदेखीं
तुमनेहुस्नभीदेखाहैतोक्यादेखा
गरजोतुमनेउसकीआँखेंनइँदेखीं
आनाचाहिएतुमकोक़ुदरतकीख़ातिर
इनपेड़ोंनेकबसेबहारेंनइँदेखीं
हमनेख़ूबइंक़िसामहोतेदेखेहैं
परतुमनेकटतीहुईशाख़ेंनइँदेखीं
मुझेबदीकरनेसेजोडरलगताहै
इसलिएमैंनेकभीसलाखेंनइँदेखीं
तुमकोलगताहैइश्क़आसाँहैकरना
तुमनेकाँटोसेभरीराहेंनइँदेखीं
घरबाहरसमुशद्ददलगाहमेंलेकिन
हमनेनींवमेंपड़तीदरारेंनइँदेखीं
जबवोबरसतीहैतोआपदाबनकरके
इसजीवनमेंकभीफुहारेंनइँदेखीं
मैंनेतुझकोयादकियाहैमिलनलेकिन
तूमेराहोऐसीयादेंनइँदेखीं
  - Milan Gautam
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