अवसाद से घिरा हूँ चेहरे पे सादगी क्यूँँ

  - Milan Gautam
अवसादसेघिराहूँचेहरेपेसादगीक्यूँँ
सोहबतमेंहूँख़ुदाकीअंतस्मेंबे-ख़ुदीक्यूँँ
हमदर्दरहम-दिलहैजोग़म-गुसारमेरा
जानेनहींवोमेरायेदर्द-ए-ज़िंदगीक्यूँँ
दीदारसेहीजिसकेदिलझूम-झूमजाए
उसदिलरुबाकोहोतीपानेकीतिश्नगीक्यूँँ
वोलाज-वर्दजैसीनीलआँखोंवालीलड़की
नायाबतोनहींहैफिरबेश-क़ीमतीक्यूँँ
दीवानाइकसमुंदरनदियाकोढूँढताहै
बर-अक्स-ए-तर्ज़-ए-क़ुदरतउल्फ़तकीबंदगीक्यूँँ
इश्क़-ए-मजाज़ीसेहैइश्क़-ए-हक़ीक़ीमुमकिन
फिरबादसूफ़ियोंकेमहफ़िलमेंख़ामुशीक्यूँँ
येइश्क़इकसफ़रहैमंज़िलतोहैबिछड़ना
फिरभीहिदायतेंहैंइतनीभीलाज़िमीक्यूँँ
साँसोंकासीधारिश्ताजुड़ताहैइसफ़ज़ासे
फिरदेकेहर्जदुनियालेतीहैदुश्मनीक्यूँँ
कहतेहैंलोगमुझसेमहफ़िलकभीलगाओ
लिखतेहोतुमसुख़नपरयेसिर्फ़काग़ज़ीक्यूँँ
ख़्वाबोंकीअंजुमनमेंहैंख़्वाहिशेंहज़ारों
मुमकिननहीं'मिलन'जोउसकीतसव्वुरीक्यूँँ
  - Milan Gautam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy