kya zaroori hai ise pyaar hi samjha jaa.e | क्या ज़रूरी है इसे प्यार ही समझा जाए

  - Neeraj Naveed
क्याज़रूरीहैइसेप्यारहीसमझाजाए
क्यूँँइनकारकोइनकारहीसमझाजाए
जबमुमकिनहोमुलाक़ाततोयारोउसका
ख़्वाबभीदेखनादीदारहीसमझाजाए
क्याहक़ीक़तहैयेचेहरेभीबयाँकरतेहैं
सोहरइकचेहरेकोअख़बारहीसमझाजाए
मैंकिसीतौरभीपीछेनहींहटनेवाला
मेरीइसबातकोललकारहीसमझाजाए
हमजोमंज़िलकीतरफ़बढ़सकेतबजाना
डरकोभीराहकीदीवारहीसमझाजाए
शा'इरीकेकईकिरदारहक़ीक़तमेंनहीं
यानीकिरदारकोकिरदारहीसमझाजाए
ख़ुदा!तेरेजहाँमेंहैअगरइश्क़गुनाह
फिरतोमुझकोभीगुनहगारहीसमझाजाए
  - Neeraj Naveed
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